माओवादी खीम सिंह से अब उत्तराखंड पुलिस करेगी पूछताछ, बी वारंट दाखिल करने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश एटीएस के हत्थे चढ़े 50 हजार के इनामी माओवादी खीम सिंह बोरा से पूछताछ के लिए डीआईजी ने पुलिस टीम को बरेली और लखनऊ भेजा है। यह टीम पूछताछ करने के बाद उसे उत्तराखंड लाने के लिए वारंट बी दाखिल करेगी।
डीआईजी जगतराम जोशी ने बताया कि खीम सिंह बोरा की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है, यूपी एटीएस उसे बरेली से पकड़कर लखनऊ ले गई है। खीम सिंह से पूछताछ के लिए पुलिस की पांच सदस्यीय टीम को यूपी भेजा गया है। खीम सिंह पर उत्तराखंड पुलिस ने 2017 में 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ नैनीताल, अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर में चार से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
हंसपुर खत्ता में ली थी ट्रेनिंग
पुलिस रिकार्ड के अनुसार खीम सिंह ने 2004 में हंसपुर खत्ता चोरगलिया स्थित कैंप में नक्सलियों से हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। पुलिस उसके करीबी देवेंद्र चम्याल और भगवती को दो साल पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब पांच हजार के इनामी माओवादी भास्कर पांडे की तलाश की जा रही है।
मनीष से बातचीत बना काल
पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली है कि खीम सिंह पुलिस की लगातार दबिश से परेशान हो गया था। जंगल में रहते हुए उसका संपर्क नक्सली संगठनों से कट गया था। इसी कारण उसने भोपाल में रहने वाले मनीष श्रीवास्तव से संपर्क साधा।
मनीष ने ही नक्सलियों की धनबाद में आयोजित अगली बैठक के बारे में जानकारी दी थी। यूपी एटीएस की सर्विलांस टीम के निशाने पर मनीष था। खीम सिंह से बातचीत का इनपुट मिलते ही एटीएस ने मनीष और उसकी पत्नी को हिरासत में लिया तो पूछताछ में खीम सिंह बोरा के राज सामने आ गए। इसी आधार पर खीम सिंह की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
उत्तराखंड पुलिस थक चुकी थी
दो साल पहले देवेंद्र चम्याल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अल्मोड़ा के सोमेश्वर हत्यूड़ा गांव का निवासी खीम सिंह बोरा की तलाश करने के लिए अल्मोड़ा, चंपावत सहित कई जिलों के जंगलों की खाक छानी लेकिन कामयाबी नहीं मिली।