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Uttarakhand PCS Pre: आरक्षित महिलाओं की भी क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं देगा आयोग, संशोधित सूची होगी जारी

Wed, 12 Oct 2022 03:48 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल।
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल। Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 12 Oct 2022 03:48 PM IST
सार

कोर्ट ने 30 सितंबर को 22 सितंबर को जारी संशोधित कट-ऑफ अंक सूची पर रोक लगा दी थी और आयोग को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान आयोग ने 22 सितंबर की कट-ऑफ अंक सूची में संशोधन करने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी, जिससे सूची को महिला आरक्षण के बिना इसे फिर से जारी की जा सके।

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Uttarakhand PCS Pre Exam commission will not give benefit of reservation to reserved category women
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाईकोर्ट ने पीसीएस प्री-परीक्षा में राज्य मूल की महिला अभ्यर्थियों में से आरक्षित वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को 30 फीसदी आरक्षण देने के मामले में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से आरक्षित वर्ग की महिला अभ्यर्थियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देकर संशोधित कट ऑफ सूची को फिर से संशोधित करने की अनुमति दे दी है।

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कोर्ट ने इस मामले में आयोग और राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ में हुई। राज्य लोक सेवा आयोग ने 22 सितंबर तो आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में से 30 फीसदी उत्तराखंड की महिलाओं को आरक्षण देकर संशोधित कट ऑफ सूची जारी की थी।
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कोर्ट पहले ही राज्य मूल की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण समेत आरक्षित कोटे के तहत जारी संशोधित सूची पर भी रोक लगा चुका है। मंगलवार को आयोग ने तीसरी संशोधित सूची जारी करने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी। आयोग की ओर से कहा गया कि इसमें से आरक्षित वर्ग की सीटों में से उत्तराखंड महिला आरक्षण पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। 

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अगली सुनवाई दो दिसंबर को होगी  
मेरठ यूपी के सत्यदेव त्यागी की ओर से याचिका दायर की गई है। कोर्ट में आरक्षित मूल की महिला अभ्यर्थियों की हस्तक्षेप प्रार्थना पत्र पर सुनवाई भी हुई। इन महिलाओं का कहना था कि वह आरक्षण की हकदार हैं और आरक्षण संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता को आपत्ति दाखिल करने को समय दिया है। अगली सुनवाई दो दिसंबर को होगी।  

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कोर्ट ने पूर्व के आदेशों के अनुपालन के लिए भी कहा
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने उत्तराखंड पीसीएस के लिए 22 सितंबर को संशोधित कट-ऑफ अंक सूची प्रकाशित की। इस सूची में उत्तराखंड महिला आरक्षण को शामिल किया गया। इसे याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 16, 341 के उल्लंघन के आधार पर चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने 30 सितंबर को 22 सितंबर को जारी संशोधित कट-ऑफ अंक सूची पर रोक लगा दी थी और आयोग को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। आज हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने 22 सितंबर की कट-ऑफ अंक सूची में संशोधन करने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी, जिससे सूची को महिला आरक्षण के बिना इसे फिर से जारी की जा सके। कोर्ट ने अपने पूर्व के आदेशों का अनुपालन करने को भी कहा है।

उत्तराखंड महिला आरक्षण के बिना संशोधित कट-ऑफ अंक सूची जारी होगी
याचिकाकर्ता सत्य देव त्यागी के अधिवक्ता कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि कोर्ट ने आयोग को 24 जून 2006 के सरकारी आदेश (उत्तराखंड मूल की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने) पर रोक लगाने के अपने पहले के आदेशों का विधिवत पालन करने के लिए कहा है। आयोग ने कहा कि आरक्षित श्रेणी के पदों के लिए भी उत्तराखंड महिला आरक्षण के बिना संशोधित कट-ऑफ अंक सूची जारी की जाएगी। 

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