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देहरादून : पावर बैंक एप से ठगने वाले गैंग का एक और सदस्य लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार

Sat, 12 Jun 2021 01:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 12 Jun 2021 01:53 PM IST
सार

इस मामले में अभी तक की कार्रवाई हरिद्वार निवासी रोहित कुमार और राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल की शिकायत पर की गई।

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uttarakhand news : Uttarakhand News: chinese swindler doing 250 crore rupees fraud with Indians, one more accused arrested
प्रकाश बैरागी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पावर बैंक एप के माध्यम से पैसे निवेश करने पर 15 दिन में पैसे दोगुने करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के एक और सदस्य को एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार किया है। इस मामले में शुक्रवार को चार और मुकदमे दर्ज किए गए। अब तक आठ खातों का पता चला है जिनमें धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर की गई थी। 

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इस मामले में अभी तक की कार्रवाई हरिद्वार निवासी रोहित कुमार और राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल की शिकायत पर की गई। उनकी शिकायत थी कि प्ले स्टोर से पावर बैंक नामक एप डाउनलोड कर उन्होंने क्रमश: 91 हजार दो सौ और 73 हजार रुपये जमा कराए थे। उन्हें 15 दिन में रकम दोगुना करने का लालच दिया गया था।
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जांच में करोड़ों का फर्जीवाड़ा सामने आया। एसटीएफ ने ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के एक सदस्य पवन कुमार पांडे को नोएडा से गिरफ्तार किया तो देशभर में फैले नेटवर्क का पता चला। जानकारी में आया कि लेनदेन के लिए राजोरपे वॉलेट, गेटवे का प्रयोग किया जाता है। शुरुआती आंकलन में राशि 250 करोड़ थी जो अगले 24 घंटों में 360 करोड़ तक पहुंच गई।
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इस मामले में एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने लखीमपुर खीरी से गिरोह के और सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान प्रकाश बैरागी पुत्र बाबू बैरागी निवासी ग्राम मियांपुर बेली, राजपुर खीरी लखीमपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। एडीजी प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस के मुख्य प्रवक्ता अभिनव कुमार ने कहा कि जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा। 

360 करोड़ तक पहुंची धोखाधड़ी की रकम
एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में 360 करोड़ की धोखाधड़ी प्रकाश में आ चुकी है। यह धोखाधड़ी बैंक, मर्चेंट, गेटवे एव अन्य संबंधित कंपनियों से प्राप्त विवरण का विश्लेषण के बाद सामने आई है। एडीजी अभिनव कुमार ने कहा कि यह यह राशि और अधिक हो सकती है। 

बंगलुरू, दिल्ली, गुजरात में पकड़े गए आरोपी लाए जाएंगे उत्तराखंड 
उत्तराखंड एसटीएफ के खुलासे के बाद बंगलुरू, दिल्ली, गुजरात पुलिस ने भी कार्रवाई की। बंगलुरू में पावर बैंक से संबंधित नौ कंपनियों के  निदेशकों सहित 13 व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से अब तक छह लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए उत्तराखंड लाया जाएगा। वहीं दिल्ली पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक को रिमांड पर उत्तराखंड लाया जाएगा। गुजरात में भी इस प्रकार की ठगी में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। 

55 शिकायतें अब तक मिलीं पुलिस को

मामले का खुलासा होने के बाद अब तक साइबर क्राइम पुलिस को विभिन्न जनपदों से छोटी-बड़ी ठगी से संबंधित 55 शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। इनमें से चार शिकायतों पर शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया गया। शेष की जांच चल रही है। आरोपी पवन कुमार पांडे के खाते से 28 लाख रुपये और आरोपी प्रकाश के खाते से 50 हजार रुपये फ्रीज करवा चुकी है। 

हांगकांग से संचालित होता था एप
जांच में यह बात भी सामने आई है कि धोखाधड़ी से प्राप्त कुछ राशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजा गया है। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि जिस एप के माध्यम से धोखाधड़ी की जा रही है, वह हांगकांग से संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में साईसिओ चैन और चीन से लिन हिन के नाम प्रकाश में आए हैं। 

सीबीआई, आईबी व ईटी से लिया जा रहा सहयोग 
धोखाधड़ी के इस प्रकरण में विदेशी नागरिकों और कंपनियों के नाम प्रकाश में आने के बाद उत्तराखंड एसटीएफ अब राष्ट्रीय एजेंसियों सीबीआई, आईबी और ईडी आदि से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग ले रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

कई अन्य एप भी संदेह के घेरे में
एसटीएफ की जांच में कई अन्य एप के बारे में भी जानकारी हुई है, जो इस प्रकार के अवैध कार्यों में लिप्त हैं। इसमें ईजेड प्वाइंट, लाइटिनिंग पावर बैंक, ईजेड क्वाइन, फिश प्लस आदि शामिल है। फिश प्लस एप के द्वारा ठगी की शिकायत उत्तरकाशी निवासी एक व्यक्ति ने की है।

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