एसओपी जारी: उत्तराखंड में शुरू होंगी खेल गतिविधियां, खुलेंगे स्टेडियम, इन नियमों का करना होगा पालन
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन एवं खेल केंद्रों में खेल गतिविधियों में नियंत्रण व निगरानी के लिए एक कोविड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
विस्तार
कोविड महामारी के कारण प्रदेश में बंद पड़ा खेल प्रशिक्षण और गतिविधियां फिर से शुरू होंगी। केवल स्थानीय खिलाड़ियों को ही स्टेडियम और खेल केंद्रों में प्रवेश की अनुमति होगी। 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाओं के खेल परिसर में आने पर रोक रहेगी। शासन ने इस संबंध में मानक प्रचलन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन एवं खेल केंद्रों में खेल गतिविधियों में नियंत्रण व निगरानी के लिए एक कोविड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके अलावा छोटे व बड़े सभी खेल केंद्रों में कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए एक लाइजन अधिकारी नामित किया जाएगा।
जो इसके लिए भी जिम्मेदार होंगे कि खेल केंद्रों, कॉप्लेक्सों एवं स्टेडियमों में सभी कर्मचारियों को कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया गया है। लाइजन अधिकारी नियमित रूप से परिसर में स्वच्छता को भी सुनिश्चित करेंगे। गेटों पर उचित जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी।
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इतना ही नहीं प्रत्येक एथलीट द्वारा अपनी ट्रेनिंग या फिजियोथैरेपी कक्ष आदि में प्रशिक्षण के लिए जितना समय बिताया जाता है, लाइजन अधिकारी इसका विवरण रखेंगे। प्रशिक्षण केंद्रों में प्रत्येक खिलाड़ी को अभिभावक का सहमति पत्र हर दिन प्रशिक्षण से पहले देना होगा।
प्रत्येक प्रतिभागी, कर्मचारी व केंद्र में आने वाले व्यक्ति को सामाजिक दूरी के निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। शासन की ओर से जारी एसओपी में कहा गया है कि स्वीमिंग पूल के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। तैराकी को फिर से शुरू करने की अनुमति के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि खेल केंद्रों में यदि कोई व्यक्ति कोविड पॉजिटिव पाया जाता है तो उस परिसर को तुंरत सील कर दिया जाएगा एवं किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
इन नियमों का भी करना होगा पालन
- प्रशिक्षण केंद्र यह तय करेंगे कि सभी एथलीटों को एक कमरे में न ठहराया जाए।
- बडे कमरों एवं डारमेट्री के लिए 50 फीसदी से अधिक क्षमता को उपयोग नहीं होगा।
- एथलीट कैंपस के बाहर से आने वाले अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, दोस्तों से मिलने से बचेंगे।
- कोई कर्मी या उसका परिवार केंद्र प्रभारियों की अनुमति के बिना एथलीटों के पास नहीं आएगा।
- किसी भी व्यक्तिगत उपकरण या सामान जैसे पानी की बोतल, तौलिया आदि साझा नहीं होंगे।
- प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को किसी भी रूप में शारीरिक संपर्क की अनुमति नहीं होगी।
- खेल केंद्रों में बाहरी एथलीटों की सुविधाओं पर सरकारी आदेश होने तक रोक रहेगी।
- केंद्रों में जाने वाले सभी लोगों की अनिवार्य स्क्रीनिंग होगी।
- जिम 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे,दो मीटर की दूरी का करना होगा पालन।
- खेल गतिविधियों को लेकर जिला टास्क फोर्स लेगी निर्णय।
- खेलों के दौरान कोविड को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन।