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उत्तराखंड : प्रधानमंत्री ने किया छात्रों से संवाद, कहा - विदेशी ऑनलाइन गेम में नहीं दिखती भारतीय संस्कृति की झलक
Fri, 25 Jun 2021 03:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सेलाकुई
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सेलाकुई
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 25 Jun 2021 03:40 PM IST
सार
प्रधानमंत्री ने विस्तृत से छात्रों के बनाए गेमिंग प्रोजेक्टों के बारे में समझा और उनको अपने सुझाव भी दिए।
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छात्रों के साथ वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान दास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (जेबीआईटी) के छात्रों के साथ वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद किया। प्रधानमंत्री टॉयकैथान 2021 ग्रैंड फिनाले में पहुंची टीमों से सीधा संवाद कर रहे थे।
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प्रधानमंत्री छात्रों के बनाए गेमिंग प्रोजेक्टों के बारे में समझा और उनको अपने सुझाव भी दिए। उन्होंने छात्रों को बताया की ये टॉयकैथान करने का मुख्य उदेश्य यह था कि 80 प्रतिशत जो ऑनलाइन गेम और खिलोने हैं, वो विदेशी हैं। उनमें न तो कही भारतीय संस्कृति की झलक दिखती है न वह संस्कारों से जुड़े हैं। और न ही उनसे बच्चों का कुछ ज्ञान वर्धन होता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे गेम व खिलौने बनाने होंगे, जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक दिखती हो। जिससे कुछ ज्ञान मिलता हो। बच्चा जब छोटा होता है तभी से अगर वह भारतीय संस्कृति व सभ्यता को खेल-खेल में सीखेगा, तो निश्चित तौर पर उसकी जिज्ञासा बढ़ेगी। उन्होंने कहा दूसरा जो फायदा होगा, वह 'आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में होगा।
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उन्होंने बताया कि आप लोगों को यह जान कर आश्चर्य होगा कि भारत में खिलौना मार्केट लगभग डेढ़ अरब डॉलर का है। जिसमे से लगभग 80 प्रतिशत खिलौने विदेशों से आते हैं। यदि हम इस प्रकार के गेम व खिलौने यही बना लेते हैं, तो इस पैसे को विदेशों में जाने से रोका जा सकता है। यह अपनी मातृभूमि की बहुत बड़ी सेवा होगी। इसलिए आप लोगों को और अधिक अनुसंधान करने की जरुरत है।
इस टॉयकैथान के बारे में संस्थान के वाईस चेयरमैन संदीप सिंघल ने बताया कि यह जेबीआईटी ही नहीं अपितु संपूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि देश भर के 87 नोडल सेंटर में से छह सेंटरों के साथ प्रधानमंत्री का सीधा संवाद था। इस अवसर पर संस्थान के सेकेट्री रजत सिंघल, निदेशक डॉ. अमित कुमार बंसल, डॉ. बी के सिंह, डॉ. विशांत कुमार, मनोज चौधरी, दीपक अग्रवाल , किशोर भट्ट, पुनीत गर्ग, पुनीत कुमार, वजाहत आदि मौजूद रहे।