उत्तराखंड: मंत्री हरक ने बदला रुख, कहा- कर्मकार बोर्ड पर सीएम से नहीं करेंगे बात
- सीएम को बोर्ड अध्यक्ष को बदलने का भी अधिकार
- पहले कहा था, सीएम नहीं बदल सकते बोर्ड का अध्यक्ष
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भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन के विवाद का श्रम मंत्री हरक सिंह ने मंगलवार को अपनी तरफ से पटाक्षेप कर दिया। मंत्री ने अपना रुख बदलते हुए कहा कि वे अपनी नाराजगी सीएम के सामने रख चुके हैं। अब वे इस मामले में आगे बात नहीं करेंगे।
मंगलवार को यमुना कॉलोनी आवास में मीडिया से मुखातिब हरक सिंह ने कहा कि उनकी नराजगी सत्याल को बोर्ड का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर नहीं है। मुख्यमंत्री को पूरा अधिकार है। वे चाहें तो कैबिनेट मंत्री के विभागों में भी फेरबदल कर सकते हैं।
उनकी नाराजगी इस बात का लेकर है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं लाया गया। उन्हें जब बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था तो जारी आदेश में श्रम मंत्री को बोर्ड का पदेन अध्यक्ष घोषित किया गया था। अब जो आदेश हुआ है उसमें सत्याल को नाम से बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। यही बात उन्होंने सीएम के सामने भी रखी थी और सीएम ने भी स्वीकार किया था कि यह तथ्य उनकी जानकारी में नहीं था।
बुधवार है मंत्री के विभागों की समीक्षा
मंगलवार को इस मामले को लेकर हरक सिंह का रुख बदला हुआ नजर आया। इससे पहले एक बार हरक ने कहा था कि बोर्ड का अध्यक्ष बदलने का सीएम को भी अधिकार नहीं है। उस समय उनका तर्क था कि बोर्ड का अध्यक्ष कौन होगा यह बोर्ड तय करता है। इसके बाद सोमवार को जायका परियोजना के समारोह में उन्होंने कहा था कि इस मामले में फुर्सत से वे सीएम से बात करेंगे।
बुधवार को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के विभागों की समीक्षा भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कर रहे हैं। हरक सिंह के पास श्रम के अलावा, वन, आयुष सहित अन्य कई विभाग हैं। इसमें वन और श्रम महत्वपूर्ण हैं और कैंपा के तहत 40 हजार रोजगार की बात सीएम पहले कर चुके हैं। इसी तरह श्रम विभाग में कर्मकारों को लाभ देने, श्रम बोर्ड के विवाद आदि पर भी बात हो सकती है।