Uttarakhand: विधानसभा से बर्खास्त 40 कर्मचारियों को आवास खाली करने का आखिरी नोटिस, पढ़ें पूरा मामला
Uttarakhand News: सभी 40 बर्खास्त कर्मचारियों को केदारपुरम स्थित सरकारी कॉलोनी से आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। सभी का पक्ष सुनने के बाद अब धारा-5 में बेदखली का नोटिस दिया गया है।
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उत्तराखंड विधानसभा में नियम विरुद्ध भर्ती के मामले में बर्खास्त 40 कर्मचारियों को राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी आवास खाली करने का आखिरी नोटिस जारी कर दिया है। उन्हें बेदखली अधिनियम (पीपी एक्ट) की धारा-5 के तहत सात मार्च तक हर हाल में आवास खाली करने को कहा गया है। इसके बाद जबरन बेदखल कर दिया जाएगा।
राज्य संपत्ति विभाग के विहित अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया, पीपी एक्ट की धारा-4 के तहत पूर्व में सभी 40 बर्खास्त कर्मचारियों को केदारपुरम स्थित सरकारी कॉलोनी से आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। सभी का पक्ष सुनने के बाद अब धारा-5 में बेदखली का नोटिस दिया गया है। उन्हें कहा गया कि वे सात मार्च तक हर हाल में राज्य संपत्ति विभाग की ओर से दिए गए आवासों को खाली कर दें।
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ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी चेतावनी दे दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि नियत तिथि तक आवास खाली नहीं करने पर कर्मचारियों की बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बाजार दर पर किराया भी वसूला जाएगा। विधानसभा से उनकी बर्खास्तगी के तीन माह छोड़कर बाकी अवधि का किराया बाजार दर पर देना होगा।
सभी बर्खास्त कर्मचारियों को अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि नियम विरुद्ध भर्ती का प्रकरण सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने 228 से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे। यह वह कर्मचारी थे जिनकी नियुक्ति 2016 से 2021 तक तदर्थ पर की गई थी।