अमर उजाला एक्सक्लूसिव : डबल इंजन की सरकार, केंद्र से मिला सहारा, कम हो गया बाजार का उधार
कोरोना काल में केंद्र से मिले सहारे का ही परिणाम है कि प्रदेश सरकार की बाजार उधारी पिछले साल के मुकाबले अभी तक कम है। इस साल सितंबर तक प्रदेश सरकार को केंद्रीय अनुदान के तहत 6890 करोड़ रुपये मिल गए थे। पिछले साल इसी दौरान सरकार को मात्र 4000 करोड़ रुपये ही मिले थे। यही वजह है कि कोरोना की विकट परिस्थितियों के बावजूद सरकार को बाजार से कम उधार लेना पड़ा है।
प्रदेश सरकार ने इस बार अनुदान के रूप में केंद्र से करीब 16 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया था। वित्त विभाग के मुताबिक इस बार कोरोना के कारण केंद्र सरकार ने अनुदान की धनराशि जारी करने में कोताही नहीं बरती। इसी का नतीजा रहा कि अप्रैल माह में ही प्रदेश सरकार को केंद्र से 1848 करोड़ रुपये मिल गए थे। पिछले वित्तीय वर्ष में सितंबर तक एक भी महीना ऐसा नहीं था जिसमें सरकार को केंद्र से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिली हो।
बाजार उधारी पर करीब 200 करोड़ का पड़ा फर्क
वैसे प्रदेश सरकार ने इस बार करीब नौ हजार करोड़ रुपये की कुल बाजार उधारी का अनुमान बजट में लगाया था। कर्मचारियों के वेतन और अन्य जरूरी खर्च के लिए सरकार को हर माह करीब हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त की जरूरत महसूस भी हो रही है। कैग की ओर से सितंबर माह के आंकड़े बता रहे हैं कि कुल बाजार उधारी 1600 करोड़ रुपये तक की है। पिछले साल सरकार की ओर से सितंबर तक करीब 1800 करोड़ रुपये उठाया गया था।
वेतन पर खर्च कम हुआ, पेंशन पर बढ़ा खर्च, अब आगे बढ़ेगी परेशानी
प्रदेश सरकार ने इस बार कोरोना के तहत कर्मचारियों के वेतन से एक दिन का वेतन काटने का फैसला किया गया था। इसका नतीजा रहा कि सरकार ने सितंबर तक कुल 6190 करोड़ रुपये खर्च किए। पिछले साल सितंबर माह तक 6551 करोड़ रुपये वेतन में सरकार ने दिए थे। इसके उलट पेंशन पर सरकार का खर्च बढ़ रहा है। इस साल करीब 3000 करोड़ रुपये तो पिछले साल करीब 2600 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए थे।
कोरोना की मार, विकास कार्य पर खर्च कम
इतना जरूर है कि कोरोना ने प्रदेश सरकार के विकास कार्य पर खर्च की रफ्तार को कम जरूर कर दिया है। पिछलेक साल के मुकाबले इस साल सरकार सितंबर माह तक करीब एक हजार करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई। इतने ही समय में पिछले साल करीब 1600 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
जीएसटी प्रतिपूर्ति के मिले 175 करोड़ रुपये
प्रदेश सरकार को आखिरकार केंद्र सरकार से जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में 175 करोड़ रुपये मिल गए हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए 6000 करोड़ रुपये का बाजार से उधार उठाया था। यह राशि राज्यों को बांटी गई।
उत्तराखंड को इसमें से 175 करोड़ रुपये मिले हैं। वित्त विभाग के मुताबिक राज्य सरकार को जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में करीब 2000 करोड़ रुपये मिलने हैं। इससे पहले प्रदेश सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए राज्यों को दिए गए विकल्प में पहला विकल्प चुना था।
केंद्र के स्तर से अनुदान समय से मिल रहा है और इससे राज्य को खासी राहत मिल रही है। जीएसटी प्रतिपूर्ति की एवज में करीब 175 करोड़ रुपये भी मिल गए हैं।
- अमित नेगी, सचिव वित्त