गैरसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित, जारी हुए आदेश
उत्तराखंड में राज्यपाल की मंजूरी के बाद भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मार्च में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था। आदेश जारी होने के बाद राजधानी के लिए तैयार कार्ययोजना पर अब काम शुरू हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भराड़ीसैंण को आदर्श पर्वतीय राजधानी का रूप दिया जाएगा। आने वाले समय में भराड़ीसैंण सबसे सुंदर राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाएगी।
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कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए 4 मार्च को घोषणा की गई थी, यह सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों की भावनाओं का सम्मान है। अब अधिसूचना लागू होने से भराड़ीसैंण, गैरसैंण आधिकारिक रूप से ग्रीष्मकालीन राजधानी हो गई है।
पेपरलैस कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा
उन्होंने कहा कि 2017 के विजन डॉक्यूमेंट में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही गई थी। क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें प्लानर और विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है। भराड़ीसैंण में राजधानी के अनुरूप वहां आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। बड़े स्तर पर फाइलें न ले जानी पड़ें, इसके लिए ई-विधानसभा पर कार्य किया जा रहा है। इससे पेपरलैस कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
पेयजल की सुचारु आपूर्ति के लिए रामगंगा पर चैरड़ा झील का निर्माण किया जा रहा है। इसके बनने के बाद भराड़ीसैंण, गैरसैंण और आसपास के क्षेत्र में ग्रेविटी पर जल उपलब्ध हो सकेगा। बताया कि गैरसैंण की कनेक्टिविटी पर भी काम किया जा रहा है। भराड़ीसैंण, गैरसैंण को जोड़ने वाली सड़कों को आवश्यकतानुसार चौड़ा किया जाएगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इसके पूरा होने पर रेल गैरसैंण के काफी निकट तक पहुंच जाएगी।