फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news : Decision to make drinking water cheaper postponed, Chief Minister formed committee

Uttarakhand News : पेयजल सस्ता करने का फैसला फिलहाल टला, मुख्यमंत्री ने कमेटी बनाई

Sat, 16 Jan 2021 07:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 16 Jan 2021 07:16 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand news : Decision to make drinking water cheaper postponed, Chief Minister formed committee
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : AMAR UJALA FILE PHOTO

प्रदेश में पीने के पानी और सीवरेज की दरों में लाखों उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला फिलहाल टल गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में पेयजल दरों में संशोधन को लेकर हुई बैठक में यह निर्णय होना था। लेकिन फैसला लेने से पहले सरकार एक बार सभी तथ्यों का गहराई से अध्ययन कर लेना चाहती है।

विज्ञापन


इसके लिए मुख्यमंत्री ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। कमेटी को जल्द आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार नीतिगत निर्णय लेगी। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के मुताबिक, समिति पेयजल और सीवरेज के टैरिफ से संबंधित सभी तथ्यों का विस्तार से आकलन कर अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यमंत्री को देने का प्रयास करेगी।
विज्ञापन


शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में पीने के पानी की दरों में संशोधन के संबंध में बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल मूल्य एवं सीवर मरम्मत दरों के किए वर्तमान में लागू टैरिफ दरों की जटिलता का सरलीकरण किया जाना जरूरी है। बैठक में पेयजल और सीवरेज कर के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैठक में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव पेयजल नितेश झा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा. पराग मधुकर धकाते के साथ ही पेयजल विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

पानी की बर्बादी और बेतहाशा दोहन रोकेगी सरकार

बैठक में पेयजल के अनाधिकृत प्रयोग और बेतहाशा दोहन रोकने पर भी विचार हुआ। कहा गया कि बोरिंग कर भू-जल के माध्यम से अथवा अन्य जल संयोजनों से पेयजल प्राप्त करने वाले उपयोगकर्ताओं से वार्षिक जलकर लिए जाने पर सोचा जाएगा। यह विचार भी हुआ कि भू-जल और सतही जल के दोहन का दुरुपयोग रोकने के साथ किराये के टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था हो।


वार्षिक मूल्यांकन आधार पर वसूला जाए सीवरेज कर

बैठक में यह सुझाव भी आया कि सीवरेज संबंधी व्यवस्था वाले इलाकों में जो भवन या प्रतिष्ठान सीवर कनेक्शन नहीं ले रहे हैं, उनसे वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक सीवर कर लेने पर विचार हो। मंत्रियों की समिति इन मसलों पर भी विचार करेगी और अपनी सिफारिशें मुख्यमंत्री को सौंपेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed