{"_id":"5fa644818ebc3e9bf1365bd7","slug":"uttarakhand-news-csc-service-could-not-climb-in-post-offices-training-has-been-given-to-personnel","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड : डाकघरों में सीएससी सेवा नहीं चढ़ सकी परवान, कर्मियों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड : डाकघरों में सीएससी सेवा नहीं चढ़ सकी परवान, कर्मियों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग
Sat, 07 Nov 2020 12:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 07 Nov 2020 12:44 PM IST
सार
- कई डाकघरों में नहीं खुले काउंटर, जहां खुले वहां भी नियमित संचालन नहीं
- दस शाखाओं में कर्मियों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग, योजना के प्रचार-प्रसार में भी विभाग पीछे
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
डाकघरों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। मुख्य डाकघर के अलावा देहरादून की 10 शाखाओं में योजना कछुआ गति से आगे बढ़ रही है। कई शाखाओं में तो सीएससी काउंटर ही नहीं खोले गए हैं। जहां खोले गए हैं वहां भी इनका नियमित संचालन नहीं हो रहा है। इससे लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बता दें कि डाक विभाग ने आमजन को सीएससी की तर्ज पर इंटरनेट से जुड़ी सेवाएं देने की शुरुआत की है, जिसमें देहरादून में जीपीओ में पहली सेवा शुरू की गई। दूसरे चरण में कैंट, प्रेमनगर, क्लेमेंटटाउन समेत दस शाखाओं को भी योजना से जोड़ा गया।
विज्ञापन
इसमें मोबाइल-डीटीएच रिचार्ज, बिजली-पानी बिल जमा, जाति-आय प्रमाणपत्र आवेदन, लाइसेंस व अन्य योजनाओं के लिए आवेदन समेत करीब 52 सेवाएं शामिल हैं। मगर, अभी तक जीपीओ समेत अन्य शाखाओं में मोबाइल-डीटीएच रिचार्ज जैसी चार-पांच सेवाएं ही शुरू हो सकी हैं। जबकि, कई नई शाखाओं में तो सुचारु रूप से योजना का संचालन भी नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
सभी शाखाओं के कर्मियों को सेवा के संचालन की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। कंप्यूटर सिस्टम भी मुहैया कराए हैं, लेकिन कर्मी सीएससी काउंटर पर कम ही बैठ रहे हैं। इसके बजाय अन्य काउंटर पर बैठकर दूसरे काम निपटा रहे हैं। वहीं, प्रवर डाक अधीक्षक अनसूया प्रसाद चमोला ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना है। धीरे-धीरे सेवाओं को बढ़ाया जाएगा। जीपीओ के साथ ही अन्य शाखाओं में भी सेवा का नियमित रूप से संचालन किया जाएगा।
प्रचार में भी रुचि नहीं ले रहा विभाग
विभाग का तर्क है कि सीएससी का लाभ लेने के लिए रोज इक्का-दुक्का लोग ही पहुंच रहे हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण यह है कि विभाग ने योजना का बिल्कुल भी प्रचार-प्रसार नहीं किया है। यहां तक कि जीपीओ व अन्य शाखाओं में लगे सीएससी काउंटर पर योजना से संबंधित कोई जानकारी भी चस्पा नहीं की है। इससे लोगों को नई सेवा के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है।