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पुलिस स्मृति दिवस परेड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों को दी 4600 ग्रेड पे की सौगात

Thu, 21 Oct 2021 11:30 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 21 Oct 2021 11:30 PM IST
सार

Police Personnel Grade Pay: पुलिसकर्मी सरकार से लंबे समय से 4600 ग्रेड पे देने की मांग कर रहे थे। इसके लिए पुलिसकर्मियों के परिजन बीते मार्च से अब तक आंदोलन कर रहे थे। 

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Uttarakhand News: CM Pushkar Singh Dhami Announced for give 4600 grade pay to Police Personnel
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड अवसर पर 2001 में भर्ती हुए सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे की सौगात देने की घोषणा की है। हालांकि, अभी अन्य प्रकरणों पर कैबिनेट की उपसमिति और वेतन विसंगति समिति काम कर रही है। इसके अलावा देहरादून में पुलिस संग्रहालय बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी लेने के बाद इस साल ड्यूटी पर शहीद हुए तीन पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया। 

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पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज विश्व आतंकवाद और कोविड-19 की चुनौतियों से जूझ रहा है। इन चुनौतियों से लड़ने के लिए सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की होती है। इसके लिए अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इन्हें अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़ती है। 
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बीते एक साल में राज्यों की पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 377 के कर्मचारी शहीद हुए हैं। इनमें से तीन पुलिसकर्मी उत्तराखंड के भी शामिल हैं। उत्तराखंड भौगोलिक व सामरिक महत्व के मद्देनजर बेहद संवेदनशील है। यहां अंतरराष्ट्रीय सीमाएं नेपाल और चीन के साथ मिलती हैं। इसके अलावा कई अन्य चुनौतियां जिनमें बड़े त्योहार, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, कांवड़ यात्रा आदि प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड पुलिस इन चुनौतियों का सामना करने में सफल होगी। 
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इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों की ग्रेड पे की मांग को भी मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद करीब 1500 सिपाहियों को इसका लाभ मिलेगा। घोषणा के बाद पुलिसकर्मियों के परिजनों में भी उत्साह है। कार्यक्रम में मंत्री धन सिंह रावत, गणेश जोशी, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक हरबंस कपूर, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, खजान दास, विनोद चमोली, मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक सुभाष जोशी, अनिल के रतूड़ी, एडीजी पीवीके प्रसाद, एडीजी अभिनव कुमार आदि उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं भी की
- इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुरस्कार धनराशि में वृद्धि की जाएगी। 
- प्रदेश में शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पर स्कूल व सड़कों का नामकरण किया जाएगा। 
- पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अतिथि प्रशिक्षकों का मानदेय उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल के अतिथि शिक्षकों के अनुरूप किया जाएगा। 
- देहरादून में पुलिस संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। 

हर नागरिक की उम्मीदों पर खरी उतरेगी पुलिस : डीजीपी 

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के सामने अन्य राज्यों से अलग कई तरह की चुनौतियां हैं। यहां आपदा और यात्राओं में पुलिस की अग्निपरीक्षा होती है। पुलिस प्रत्येक नागरिक की उम्मीदों पर खरी उतरती आई है और आगे भी इसी निष्ठा के साथ काम करेगी। 

स्मृति दिवस की परेड के दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने इस दिन के इतिहास की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख के 16 हजार फीट ऊंचे बर्फीले व दुर्गम क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक गश्ती टुकड़ी के 10 बहादुर जवानों ने एसआई करन सिंह के नेतृत्व में चीनी अतिक्रमणकारियों से लोहा लिया था। बहादुरी से लड़ते हुए अपनी मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन्हीं वीर सपूतों के बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर के दिन को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

उत्तराखंड पुलिस महामारी के नियंत्रण के लिए भी प्रयास कर रही है। बीते दिनों चार हजार से अधिक अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए। इस दौरान 13 पुलिसकर्मियों की जान भी गई। पुलिस विभाग में कर्मचारियों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। चिकित्सा प्रतिपूर्ति, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना, जीवन रक्षक निधि और मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री और डीजीपी ने इस साल (21 अक्तूबर 2020 से 21 अक्तूबर 2021 तक) शहीद हुए तीन पुलिसकर्मियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। 

ये पुलिसकर्मी हुए थे शहीद 
- हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, चमोली 
- कांस्टेबल सशस्त्र पुलिस बलवीर गड़िया, चमोली
- कांस्टेबल सिविल पुलिस जितेंद्र, पौड़ी गढ़वाल 

ग्रेड पे मिलने की घोषणा पर सिपाहियों के परिजनों ने जताई खुशी 

2001 में भर्ती हुए सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे मिलने की घोषणा के बाद उनके परिजनों ने पुलिस लाइन में ही खुशी जताई। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी दिया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने अपने सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर खुशी का इजहार किया।  

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार शाम उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक जोशी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस परिवारों की पीड़ा को समझा है। ऐसे में उन्होंने एक सकारात्मक दृष्टिकोण का परिचय दिया है। इधर, स्मृति दिवस परेड के बाद पुलिसकर्मियों के परिजन पुलिस लाइन में ही इकट्ठा हो गए थे। परिजनों का कहना था कि मुख्यमंत्री ने पीड़ा समझने के बाद ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

मार्च से शुरू हुआ था आंदोलन 
पुलिसकर्मियों का आंदोलन मार्च से शुरू हुआ था। इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर आंदोलन चलाया। इसके बाद कोविड काल में काला मास्क लगाकर विरोध दर्ज कराया। पुलिसकर्मियों के परिजनों ने दो बार मुख्यमंत्री आवास का कूच किया। बीते दिनों पुलिसकर्मियों के परिजन 11 घंटे हाथीबड़कला बैरियर पर अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। 

अक्तूबर 2021 से मिलेगा लाभ 
बढ़े हुए ग्रेड पे का लाभ पुलिसकर्मियों को अक्तूबर 2021 से दिया जाएगा। इसका लाभ करीब 1500 पुलिसकर्मियों को ही मिल पाएगा। अभी 2002 में भर्ती हुए सिपाहियों के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया है। उनकी भर्ती में भी करीब छह से सात महीने का ही अंतर था। ऐसे में अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि 2002 बैच के सिपाही भी अपनी इस मांग को दोहरा सकते हैं। हालांकि, अभी कैबिनेट की उपसमिति और वेतन विसंगति को लेकर बनी समिति सभी मामलों में विचार कर रही है। 

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