उत्तराखंड: केजरीवाल के 'करंट' से भाजपा-कांग्रेस को झटका, मुफ्त बिजली की गारंटी देकर खेल गए सियासी दांव
लंबे अरसे के बाद सियासी नब्ज टटोलने के उत्तराखंड आए केजरीवाल ने होमवर्क के साथ आप की सरकार बनने पर मुफ्त बिजली का एलान किया।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लोक लुभावन वादे से भाजपा और कांग्रेस को दुविधा में डाल दिया है। उनके इस एलान से जहां आप के कार्यकर्ताओं में करंट आ गया है, वहीं मुफ्त बिजली की घोषणा के करंट ने सत्तारूढ़ भाजपा को झटका दे दिया। भाजपा सरकार राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने 100 यूनिट बिजली देने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 200 यूनिट मुफ्त बिजली की हिमायत कर रहे हैं। केजरीवाल ने दोनों दलों से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली और कई रियायतें देने की घोषणा की है।
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लंबे अरसे के बाद सियासी नब्ज टटोलने के उत्तराखंड आए केजरीवाल ने होमवर्क के साथ आप की सरकार बनने पर मुफ्त बिजली का एलान किया। इस पर 1200 करोड़ का खर्च आएगा। राज्य सरकार का बजट 50 हजार करोड़ का है। इसी बजट से मुफ्त बिजली की व्यवस्था की जाएगी। जबकि दिल्ली सरकार का बजट 60 हजार करोड़ है। जिसमें 250 करोड़ से मुफ्त बिजली दी जा रही है।
हाल ही में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने 100 यूनिट फ्री बिजली देने का एलान किया था। वहीं, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश के लोगों को 200 यूनिट फ्री बिजली देने की हिमायत कर रहे थे। लेकिन केजरीवाल ने भाजपा व कांग्रेस से आगे बढ़ कर 300 यूनिट बिजली देने का एलान किया है। साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली, पुराने बिजली बिल माफ और 24 घंटे बिजली की आपूर्ति का एलान का दोनों दलों को झटका दिया है। केजरीवाल का कहना है कि टिहरी बांध निर्माण के लिए जिन लोगों ने घर बार और जमीनें दी। उन्हें फ्री बिजली देने का वायदा किया गया था। लेकिन आज तक विस्थापितों को फ्री बिजली नहीं मिल पाई है।
नेता से मिलने बारिश में भीगते आए, लेकिन मायूस हो गए
हरिद्वार बाईपास स्थित जिस होटल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रेस वार्ता थी, वहां बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ भी जुटी थी। वह गेट पर जा रहे थे लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिल रही थी। कई नेता भी गेट तक आए और मायूस होकर लौट गए। एक कार्यकर्ता ने कहा, कि क्या फायदा, इतनी बारिश में इतनी दूर से आए और हमें ही अपने नेता के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है।
बारिश ने कर दिया माहौल फीका
वैसे तो हरिद्वार बाईपास स्थित होटल में केवल मीडिया से बातचीत का कार्यक्रम था, लेकिन बारिश की वजह से माहौल फीका हो गया। तमाम कार्यकर्ता ऐसे थे जो कि बारिश की वजह से वहां तक नहीं पहुंच पाए। जो पहुंचे, वह भी भीग गए, उन्हें प्रवेश नहीं मिल पाया।
आधा घंटा पहले ही लौट गए केजरीवाल
प्रेस वार्ता करने के बाद केजरीवाल वापस अपने होटल चले गए। वहां से वह आधा घंटा पहले ही दिल्ली लौट गए। दरअसल, उनकी फ्लाईट का समय आधा घंटा पहले हो गया था।