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Uttarakhand New CS: राधा रतूड़ी ने संभाला पदभार, बोलीं-यूसीसी हमारी प्राथमिकता, पढ़ें इंटरव्यू की खास बातें

Thu, 01 Feb 2024 02:30 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 01 Feb 2024 02:30 AM IST
सार

Uttarakhand New Chief Secretary Radha Raturi : मुख्य सचिव पद पर विधिवत रूप से कार्यभार करने के बाद राधा रतूड़ी ने अमर उजाला से बातचीत में अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। पेश है उनसे संक्षिप्त भेंट के दौरान बातचीत के मुख्य अंशः-

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Uttarakhand New Chief Secretary Radha Raturi Told Her Priorities Exclusive Interview
उत्तराखंड की नई मुख्य सचिव राधा रतूड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड की नवनियुक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका मानना है कि प्रदेश में यूसीसी लागू होने के बाद राज्य की सभी बहनों को समानता का अधिकार मिलेगा। महिला मुख्य सचिव बनाए जाने को वह नारी शक्ति का सम्मान बताती हैं। वह राज्य की लोक परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रबल हिमायती हैं।

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वह कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुरूप प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र एक टीम की तरह उत्तराखंड को देश का सर्वोच्च राज्य बनाने के लिए आगे बढ़ेगा।

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यूसीसी पास कराना पहली प्राथमिकता

वे कौनसे मुद्दे हैं जिन्हें आप प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएंगी?
समान नागरिक संहिता को पास कराना हमारे सामने सबसे बड़ा मुद्दा है। यूसीसी की विशेषज्ञ समिति दो फरवरी को मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। उसका एक विधेयक बनेगा। यह विधेयक पांच फरवरी से आठ फरवरी तक बुलाए गए विधानसभा सत्र के दौरान पास कराना हमारे लिए सबसे अहम चुनौती होगी।

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Uttarakhand: राधा रतूड़ी बनीं उत्तराखंड की 18वीं मुख्य सचिव, पहली बार महिला आईएएस को मिली जिम्मेदारी
 

निवेश के एमओयू जमीन पर उतारने हैं

कौन से प्रमुख मुद्दे हैं, जिन पर नौकरशाही का विशेष फोकस होगा?
वैश्विक निवेशक सम्मेलन में जो एमओयू हुए हैं, उनको धरातल पर उतारना नौकरशाही का प्रमुख दायित्व होगा। इसके अलावा प्रदेश में अवस्थापना विकास और हर गांव तक पीने का पानी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राथमिकताओं में है।

मैं टीम लीडर, टीमवर्क के साथ आगे बढ़ेंगे

आप राज्य की विकास यात्रा की साक्षी रही हैं, मुख्य सचिव के तौर पर आपका क्या विजन है?
मुख्य सचिव एक टीम लीडर के रूप में होते हैं, जो पूरी टीम को आगे ले जाते हैं। जितने भी अधिकारी हैं, वे साथ काम करेगे। हम टीमवर्क के साथ आगे बढ़ेंगे।

ये नारी शक्ति का सम्मान है

पहली महिला मुख्य सचिव बनने का गौरव आपको मिला, कैसा महसूस करती हैं?
मुख्यमंत्री का जो यह निर्णय है, निश्चित रूप से महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति का सम्मान है। प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए राज्य भर में कार्यक्रम कर रही हैं। सरकार की योजनाएं महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही हैं। उत्तराखंड की बेटियां खुद को किसी से कम न समझें। सभी बेटियों को अपना ऊंचा लक्ष्य रखना चाहिए, निश्चित रूप से उन्हें उनका मुकाम मिलेगा।

उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए करेंगे काम

एक टीम लीडर के तौर पर आपकी क्या भूमिका होने जा रही है?
हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी पीएम के विजन के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि मुख्यमंत्री का मूल मंत्र है। हम इस मूल मंत्र पर एक टीम के रूप में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप समाज के लिए अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम होगा।

मैं पत्रकार बनना चाहती थी

पत्रकार से मुख्य सचिव तक की यात्रा को कैसे देखती हैं?
- मैं पत्रकार बनना चाहती थी। जब मुंबई में पढ़ाई कर रही थीं। उसी दौरान मास कम्युनिकेशन का डिप्लोमा किया। अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस में इंटर्नशिप भी की। कुछ समय इंडिया टुडे में बतौर पत्रकार नौकरी की। समाज को बदलने में पत्रकार की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समाज में बराबरी लाने के लिए पत्रकारिता एक माध्यम हो सकता है।

पिता की प्रेरणा से बन गई आईएएस

तो फिर आप सिविल सेवा में कैसे आ गईं?
मेरे पिता सरकारी सेवा में थे। उनकी इच्छा थी कि मैं प्रशासनिक सेवा में जाऊं। उन्होंने मुझे सिविल सर्विस की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। मैंने तीन बार अखिल भारतीय सेवा की परीक्षा पास कीं। पहली बार मुझे इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस (आईआईएस) मिली। मैंने दिल्ली में तैनाती भी दी। इसके साथ-साथ मैंने इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) की तैयारी, जिसमें मेरा चयन हो गया। हैदराबाद में प्रशिक्षण के दौरान मैं भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में निकल गईं।

रतूड़ी जी बहुत खुश हैं

मुख्य सचिव बनने के बाद पति की क्या प्रतिक्रिया थी, इस प्रश्न के उत्तर में राधा रतूड़ी ने कहा कि वह बहुत खुश थे। साढ़े तीन साल तक वह प्रदेश में पुलिस महानिदेशक पद पर रहे हैं। मैं शासन में अधिकारी थीं। उनको इस बात की खुशी है कि उनकी पत्नी प्रशासनिक व्यवस्था के सर्वोच्च पद पर हैं।

तीन परीक्षाएं, तीनों में गोल्ड मेडल

राधा रतूड़ी प्रदेश के सबसे योग्य नौकरशाहों में से एक हैं। बॉम्बे विवि से उन्होंने इतिहास में बीए ऑनर्स, ओस्मानिया विवि हैदराबाद से लोक व्यैक्तिक प्रबंधन में एमए, और जनसंचार में डिप्लोमा कोर्स किया और तीनों परीक्षाओं में गोल्ड मेडल से सम्मानित हुईं।

तीन अखिल भारतीय सेवाएं पास कीं

पढ़ाई में विलक्षण रहीं राधा रतूड़ी ने तीन अखिल भारतीय सेवाएं पास कीं। 1986 में उन्होंने भारतीय सूचना सेवा पास की। यह सेवा नहीं सुहाई तो 1987 भारतीय पुलिस सेवा पास की। एक साल ट्रेनिंग के दौरान ही 1988 भारतीय प्रशासनिक सेवा में निकल गईं।

चुनाव प्रक्रिया का लंबा अनुभव

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को राज्य में चुनाव कराने की प्रक्रिया का लंबा अनुभव है। वह 10 वर्ष प्रदेश में मुख्य चुनाव अधिकारी के पद पर रही हैं।

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