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Dehradun News: उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य

Tue, 28 Jan 2025 12:56 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:56 AM IST
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Uttarakhand is the first state to implement UCC
उत्तराखंड में अब सब एक सामान... यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना
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- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामान नागरिक संहिता की अधिसूचना का किया अनावरण

- सबसे पहले पोर्टल पर मुख्यमंत्री ने कराया अपने विवाह का पंजीकरण

- कहा यूसीसी नाम की गंगा को लाने में देवभूमि की जनता का है अहम योगदान

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही अब उत्तराखंड में हर नागरिक के संवैधानिक और नागरिक अधिकार एक समान हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को इसकी अधिसूचना का अनावरण कर पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने इस पोर्टल पर सबसे पहले अपने विवाह का पंजीकरण कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी नाम की गंगा को लाने में देवभूमि की जनता का अहम योगदान रहा है। जिस तरह मां गंगा उत्तराखंड से निकलकर देश के हर हिस्से को लाभान्वित करती है उसी तरह अब यूसीसी भी यहीं से शुरू हुई है। इसका अनुसरण अब अन्य राज्यों में भी होगा।
यूसीसी लागू होने की औपचारिक घोषणा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यूसीसी की नियमावली का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने की अधिकारिक घोषणा उत्तराखंड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए ऐतिहासिक है। आज से उत्तराखंड में समाज में समानता स्थापित करने का काम हुआ है। सरकार ने जो तीन वर्ष पहले संकल्प लिया था वह आज पूरा हो गया। उत्तराखंड में यूसीसी लागू कर सरकार ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. बीआर आंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को सच्ची भावांजलि दी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान 12 फरवरी 2022 को उन्होंने यह संकल्प लिया था। उस वक्त उन्हें नया-नया दायित्व मिला था। इसके सात महीने बाद ही विधानसभा चुनाव में जाना पड़ा।
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ऐसे में कई लोग विश्वास नहीं कर पाए थे। लेकिन, उन्हें पूरा भरोसा था कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता इस काम में उनका साथ देगी। इसी का परिणाम था कि इतिहास में पहली बार दोबारा भाजपा की सरकार बनी। आज जब यह सपना पूरा हुआ तो इसकी घोषणा करते हुए भावुक भी हो रहा हूं। इसके लिए हर्ष के साथ-साथ गर्व की अनुभूति भी हो रही है। इससे अब राज्य में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक और नागरिक अधिकार एकसमान हो गए हैं। साथ ही सभी धर्म की महिलाओं को भी समान अधिकार मिल गए हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का मार्गदर्शन अहम रहा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से समान नागरिक संहिता की अधिसूचना का अनावरण किया और ucc.uk.gov.in वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और यूसीसी समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने यूसीसी के प्रावधान और इसकी अब तक की यात्रा पर प्रकाश डाला।
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अब कोई बहन श्रद्धा वाल्कर नहीं बनेगी

यूसीसी लागू होने के बाद अब विवाह, तलाक, लिव इन, विरासत आदि का पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिव इन संबंधों के कारण पहले झगड़े होते थे। कई बार नौबत यहां तक आ जाती थी कि एक पक्ष दूसरे की हत्या भी कर देते थे। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में हुई श्रद्धा वाल्कर की हत्या का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन होने के बाद उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जाएंगी। वह अपने रिश्ते को गुपचुप तरीके से नहीं रख पाएंगे। ऐसे में यदि कोई विवाद हुआ तो कोई बहन श्रद्धा वाल्कर नहीं बनेगी।
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