निकाय चुनाव 2018: रुड़की नगर निगम को लेकर हाईकोर्ट का फैसला, कहा 6 हफ्ते में कराएं चुनाव
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हाईकोर्ट ने रुड़की नगर निगम के चुनाव छह सप्ताह में कराने का आदेश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने रुड़की के निवर्तमान मेयर यशपाल राणा की याचिका पर यह आदेश दिया। याची का कहना था कि रुड़की निगम के चुनाव भी अन्य निकायों के साथ कराए जाएं। वहीं, बाजपुर और श्रीनगर (गढ़वाल) की नगर पालिकाओं के चुनाव संबंधित मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने संबंधित याचिकाओं को खंडपीठ को रेफर कर दिया।
एक अन्य मामले में न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने ही मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में हरिद्वार से बसपा नेता वंदना गुप्ता सहित अन्य की याचिका को निरस्त कर दिया। पीठ ने कहा कि मतदाता सूची जून में तैयार हो गई थी और आपत्तियां भी उसी समय दाखिल होनी चाहिए थीं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने उत्तरकाशी की जिला पंचायत अध्यक्ष जसोदा राणा का बड़कोट नगर पंचायत की मतदाता सूची में नाम जोड़ने के मामले में निर्वाचन आयोग और प्रदेश सरकार को 24 घंटे के भीतर निर्णय लेने को कहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष जसोदा राणा ने याचिका दायर कर कहा था कि वह नगर पंचायत बड़कोट का चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र से नाम हटाकर बड़कोट में नाम जोड़ने के लिए प्रत्यावेदन दिया हुआ है।
पूरे प्रदेश के साथ नहीं मनेगा रुड़की में ‘लोकतंत्र का उत्सव’
हाईकोर्ट के आदेश बाद यह तय हो गया है कि पूरे प्रदेश के साथ रुड़की में लोकतंत्र का उत्सव नहीं मनेगा। अलबत्ता, रुड़की निगम के चुनाव पर छाए संकट के बादल छंट गए हैं। निवर्तमान मेयर यशपाल राणा का कहना है कि उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने राहत दी है। हाईकोर्ट ने सरकार को छह सप्ताह में रुड़की निगम के चुनाव की घोषणा करने और तीन माह में चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि रुड़की नगर निगम के चुनाव को प्रदेश सरकार ने फिलहाल टाल दिया है। जबकि प्रदेशभर में निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंगलवार को नामांकन की आखिरी तिथि है। इसके बाद धुआंधार प्रचार शुरू हो जाएगा, लेकिन रुड़की में थमी चुनाव प्रक्रिया के कारण फिलहाल यहां चुनावी रंग देखने को नहीं मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से रुड़की निगम में चुनावी प्रक्रिया शुरू नहीं कराए जाने के खिलाफ निवर्तमान मेयर यशपाल राणा ने हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार की ओर से जारी चुनावी अधिसूचना को चुनौती दी थी।
इस पर सोमवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई की। राणा ने का कहना है कि हाईकोर्ट ने छह सप्ताह में चुनाव की घोषणा और तीन माह में चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद रुड़की में चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। दूसरी ओर, अब नगर निगम की चुनावी कसरत बढ़ जाएगी। क्योंकि, हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से रुड़की नगर निगम में 24 नए गांवों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके चलते अब नगर निगम को परिसीमन का काम पूरा करने के साथ ही जातिगत सर्वे भी पूरा करना होगा ताकि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में चुनावी घोषणा की जा सके।
रुद्रपुर की निवर्तमान मेयर सोनी कोली की याचिका पर सरकार से मांगा जवाब
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने रुद्रपुर नगर निगम की निवर्तमान मेयर सोनी कोली और अन्य की याचिकाओं पर सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है। सोमवार को सुनवाई में पीठ ने कहा कि यदि याची चुनाव लड़ना चाहते हैं तो वे इसके लिए स्वतंत्र हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नजूल भूमि पर कब्जे के आरोप के कारण उन्हें नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है।
वहीं, न्यामूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने रामनगर के पूर्व पालिकाध्यक्ष भगीरथ लाल चौधरी और उनकी पत्नी उर्मिला चौधरी को चुनाव लड़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इन पर भी नजूल भूमि पर कब्जा करने का आरोप है। पूर्व में कोर्ट ने पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।