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नैनीताल: हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड में सीईओ की स्थायी नियुक्ति मामले में सरकार से मांगा जवाब

Wed, 12 Feb 2020 07:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 12 Feb 2020 07:54 PM IST
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uttarakhand High court Ask to Government For permanent Ceo of waqf board
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में सीईओ की स्थायी नियुक्ति के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। 

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मामले के अनुसार देहरादून निवासी वासित अजीम खान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में बीते दो वर्षों से सीईओ की नियुक्ति नहीं की गई है। याचिका में कहा कि सरकार की ओर से काम चलाऊ व्यवस्था के तहत काम किया जा रहा है।
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वक्फ बोर्ड की बैठक तक नहीं हो पा रही है। बोर्ड में स्थायी सीईओ की नियुक्ति न होने से संबंधित लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में जल्द से जल्द स्थायी सीईओ की नियुक्ति की मांग की गई थी।

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स्लॉटर हाउस मामले में दून के डीएम को कारण बताओ नोटिस

हाईकोर्ट ने अवैध रूप से चल रहे स्लॉटर हाउस मामले में सुनवाई के बाद पूर्व में पारित आदेश का पालन नहीं करने पर देहरादून के जिलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के पूर्व आदेश का अनुपालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई।

 मामले के अनुसार देहरादून निवासी वरुण सोबती ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि 29 सितंबर 2018 को हाईकोर्ट ने आदेश पारित कर सरकार को राज्य में अवैध रूप से चल रहे स्लॉटर  हाउस बंद करने और खुले में पशु वध करने पर रोक लगाई था। याचिका में कहा कि देहरादून में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। वहां न केवल अवैध स्लॉटर हाउस चल रहे हैं बल्कि खुले में पशुओं को मारा भी जा रहा है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने देहरादून के डीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

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