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उत्तराखंड सरकार केंद्र को भेजेगी एक हजार करोड़ के प्रस्ताव
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 05 Jun 2016 08:22 PM IST
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हरीश रावत
- फोटो : Getty
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उत्तराखंड सरकार इस वर्ष के लिए एक हजार करोड़ के विशेष सहायता योजना के प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने निर्देश दिए हैं कि विभाग अपनी प्राथमिकताएं तय कर लें। प्रथम चरण में 500 करोड़ की उन योजनाओं को लिया जाए जो तात्कालिक महत्व की हो।
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अन्य 500 करोड़ की योजनाओं को द्वितीय चरण में शामिल किया जाए। इन योजनाओं को चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। जिन योजनाओं का काम साल पूरा नहीं होगा, उसे अगले साल कर लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री रावत ने निर्देश दिए कि विशेष सहायता के प्रस्तावों में उन योजनाओं को प्राथमिकता दें जिनके लिए भूमि उपलब्ध होने में कोई कठिनाई न हो और डीपीआर बन गई हो। विभाग पूरी तैयारी कर लें ताकि योजना स्वीकृत होने पर तुरंत कार्य प्रारंभ हो जाए। विशेष सहायता योजना में पर्यटन, शिक्षा, पेयजल, कृषि, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन आदि जो विभाग शामिल हैं अपनी प्राथमिकतायें तय करें। विधायकों से भी विचार विमर्श कर लिया जाए।
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उन्होंने योजना के कार्यों पर व्यय का उपयोगिता प्रमाणपत्र समय से उपलब्ध कराने के लिए ऐसी व्यवस्था करने को कहा जिससे समय कम लगे। योजना का प्रस्ताव बनाने के साथ ही उसकी डीपीआर व टेंडर तैयार करने का काम भी उसी समय पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं पर निगरानी रखे जाने पर बल दिया। समय से काम पूरा हो इसके लिए मेकेनिज्म भी बनाने के लिए कहा। विभागाध्यक्षों से कहा गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने एडीबी द्वारा सड़कों, पेयजल, सीवरेज नगर विकास से संबंधित कार्यों में तेजी लाने और परियोजना प्रबंधकों से समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करने, निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव डा. उमाकांत पंवार, सचिव डीएस गर्ब्याल आदि मौजूद रहे।