{"_id":"5d314f2c8ebc3e6caa3baae9","slug":"uttarakhand-government-will-give-double-expenses-to-bureaucrats","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंडः नौकरशाहों के जलपान को सरकार देगी दोगुना मासिक खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंडः नौकरशाहों के जलपान को सरकार देगी दोगुना मासिक खर्च
Fri, 19 Jul 2019 10:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 19 Jul 2019 10:33 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौकरशाहों के दफ्तरों में जलपान पर होने वाला मासिक खर्च अब दोगुना होगा। अपर सचिव स्तर से प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को जलपान के लिए मिलने वाले मासिक खर्च को दोगुना करने का प्रस्ताव सचिवालय प्रशासन विभाग ने तैयार किया है। बैठकों के नाम पर प्रमुख सचिव दस हजार रुपये प्रतिमाह चाय बिस्कुट आदि पर खर्च कर पाएंगे। विभागीय प्रस्ताव पर वित्त विभाग की मुहर लगने के बाद इसे अंतिम अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री को भेज दिया है।
विज्ञापन
आईएएस और पीसीएस अफसरों के सरकारी दफ्तरों में जलपान के लिए सरकार खर्चा देती है। लंबे समय से अफसरों को दो हजार और अधिकतम पांच हजार रुपये मासिक खर्च मिलता था। सचिवालय प्रशासन विभाग ने अब इसे बढ़ाने का प्रस्ताव अनुमोदित किया है।
विज्ञापन
मौजूदा धनराशि से जलपान के लिए मिलने वाली धनराशि पर्याप्त नहीं मानी गई। हालांकि जीएमवीएन की कैंटीन में जलपान सामग्री की दरों में लंबे समय से इजाफा नहीं हुआ, लेकिन माना जा रहा है कि अफसरों के जलपान के लिए मौजूदा मासिक व्यय कम पड़ रहा है। इसी के चलते वित्त विभाग ने शासकीय बैठकों में जलपान व्यय की वर्तमान सीमा में वृद्धि करने को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
पद मासिक खर्च
प्रमुख सचिव स्तर 10 हजार रु
सचिव और प्रभारी सचिव 7 हजार रु
अपर सचिव स्तर 4 हजार रु
* वर्ष 2012 तक की अनुमन्य दरों से दोगुना
जीएमवीएन कैंटीन में वृद्धि को ना
विभाग को महंगाई की मार अफसरों के जलपान पर दिख रही है, लेकिन जीएमवीएन कैंटीन में जलपान सामग्री की दरें बढ़ाने को तैयार नहीं है। अफसरों के मासिक जलपान खर्च के साथ सचिवालय स्थित जीएमवीएन कैंटीन में खाद्य सामग्री की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग ने खारिज कर दिया है।