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Dehradun News: आंध्रप्रदेश पुलिस के सॉफ्टवेयर का उत्तराखंड को मिला एक्सेस

Mon, 19 Jun 2023 02:08 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jun 2023 02:08 AM IST
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Uttarakhand got access to the software of Andhra Pradesh Police
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए उत्तराखंड पुलिस अब आंध्रप्रदेश पुलिस के सॉफ्टवेयर का सहारा ले रही है। यह सॉफ्टवेयर अपराध में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर का पूरा रिकॉर्ड रखता है। इससे जब कोई अपराधी पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सभी शिकायतों और मुकदमों की जानकारी संबंधित राज्यों को भेज दी जाती है। इससे अपराधी पर एक बार कार्रवाई होने के बाद उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों की पुलिस भी कार्रवाई कर सकती है।
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बता दें कि साइबर अपराध में आरोपियों पर कार्रवाई आईपीसी की धारा 420 यानी धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत की जाती है। इन धाराओं में सजा इतनी नहीं होती कि किसी अपराधी को लंबे समय तक जेल में रखा जा सके। ऐसे में लंबे समय से किसी कठोर कानून की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए समय-समय पर चर्चाएं भी विभिन्न मंचों पर हुईं, लेकिन अभी तक आईटी एक्ट में कड़ी सजा का प्रावधान नहीं हो सका है।
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ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए अब आंध्रप्रदेश पुलिस की ओर से तैयार सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर पर संबंधित अपराधी के मोबाइल नंबर मात्र से ही उसके खिलाफ कितनी शिकायतें और कितने मुकदमे हैं यह पता चल जाता है। इनकी जानकारियों को संबंधित राज्यों को भेज दिया जाता है। ऐसे में जब एक बार अपराधी पकड़ा जाता है तो पुलिस उसके खिलाफ दूसरे राज्य में दर्ज शिकायत का ब्योरा भी संबंधित को भेज देती है।
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इससे दूसरे राज्य की पुलिस उसे बी वारंट के आधार पर अपने साथ ले जाती है। इससे अपराधी जेल दर जेल घूमता रहता है। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का एक्सेस एसटीएफ को भी मिला है। इससे काफी मदद मिल रही है।


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ऐसे काम करती है पुलिस

पुलिस जब किसी अपराधी को पकड़ती है तो उसके मोबाइल नंबर को इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से चेक किया जाता है। मसलन, यदि उत्तराखंड में किसी नंबर से कोई ठगी हुई है तो सॉफ्टवेयर यह बता देता है कि इस नंबर का इस्तेमाल और कितनी ठगी में हुआ है। ऑनलाइन दर्ज हुई इन शिकायतों का ब्योरा पुलिस को मिल जाता है। अब मान लो कि उत्तराखंड पुलिस ने इस अपराधी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस दूसरे राज्य की पुलिस को भी इसकी जानकारी दे देगी। यदि उसके यहां संबंधित के खिलाफ कोई केस दर्ज हुआ तो वहां की पुलिस इस आरोपी को अपने साथ ले जाएगी।
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