Uttarakhand Election 2022 : इस बार बढ़त लेने की होड़, रावत और गोदियाल दोनों लगा रहे जोर
पहली बार चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी भी ताल ठोंक रही है। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं का शोर सुनाई दे रहा है, लेेकिन मतदाता खामोश है।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और मौजूदा कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के चुनावी मैदान में उतरने से श्रीनगर विधानसभा सीट इस बार वीआईपी हो गई है। अभी तक के चुनावी समीकरण के अनुसार, दोनों में सीधा मुकाबला देखा जा रहा है।
हालांकि, उत्तराखंड क्रांति दल के प्रत्याशी मोहन काला भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास करने में जुटे हैं। पहली बार चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी भी ताल ठोंक रही है। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं का शोर सुनाई दे रहा है, लेेकिन मतदाता खामोश है।
गणेश गोदियाल और डॉ. धन सिंह रावत का यह तीसरा मुकाबला है। गोदियाल श्रीनगर (परिसीमन से पूर्व थलीसैंण) से पांचवीं बार ताल ठोकेंगे जबकि रावत का यह तीसरा विधानसभा चुनाव है। आपसी मुकाबले में दोनों को एक-एक बार जीत हासिल हो चुकी है। ऐसे में दोनों प्रत्याशी इस बार बढ़त हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।
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जनता सहित दोनों दलों के हाईकमान की नजर भी श्रीनगर सीट पर टिकी हुई
श्रीनगर विधानसभा सीट पर गोदियाल और रावत दोनों पुराने प्रतिद्वंद्वियों का चुनावी संघर्ष चुनाव को रोचक बना रहा है। दोनों नेताओं के गांव भी आसपास के ही क्षेत्रों में हैं। जनता सहित दोनों दलों के हाईकमान की नजर भी श्रीनगर सीट पर टिकी हुई है। क्योंकि, गोदियाल उत्तराखंड कांग्रेस के मुखिया हैं और रावत भाजपा संगठन के साथ ही सरकार में भी काफी बड़ा कद रखते हैं।
भौगोलिक नजर से देखें तो श्रीनगर सीट का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण है। ग्रामीण मतदाता भी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में दोनों ही प्रमुख दल के समक्ष असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, सियासी जानकार और दोनों ही दलों के नेता दोनों प्रमुख दलों में ही कड़ी टक्कर मान रहे हैं।
भाजपा जहां कांग्रेस प्रत्याशी के लगातार विधानसभा क्षेत्र से लापता रहने का मुद्दा उठा रही हैं तो वहीं कांग्रेस बतौर मंत्री रावत को फेल बता रही है। बताया जाता है कि अंदरखाने जातिवाद की हवा भी चलाकर ब्राह्मण-ठाकुर को अलग करने की कोशिशें चल रही हैं।
2002 के पहले विधान सभा चुनाव में कांगे्रस और 2007 में भाजपा को मिली थी जीत
मतदाता
कुल 1,07,347
महिला 52,552
पुरुष 54,792
स्थानीय मुद्दे
श्रीनगर में एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का निर्माण, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अस्थायी कर्मचारियों का विनियमितीकरण, पानी के मीटर, रोडवेज डिपो, संचार सेवा और पार्किंग समस्या यहां के प्रमुख मुद्दे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री की नाकामी को लेकर जनता के बीच जा रहा हूं। व्यावसायिक कॉलेज सिर्फ नाम का है। यहां सिर्फ छात्रों के बीएससी मेें एडमिशन हो रहे हैं। हम बेटियों को कलम दे रहे हैं। यह दरांती थमा रहे हैं। इस बार उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है।
-गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रत्याशी
मेरी उपलब्धियां जनता के समक्ष हैं। जो बोला था, वह किया है। कोरोनाकाल में जहां जनता के बीच रहा, वहीं अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों के काम कराए गए। श्रीनगर और पौड़ी को साफ पानी पिलाने का काम किया। एनआईटी के अस्थायी परिसर का निर्माण कार्य चल रहा है।
-डॉ. धन सिंह रावत, भाजपा प्रत्याशी
उत्तरकाशी आपदा हो या केदारनाथ, हर समय जनता के बीच रहा। हिमाचल प्रदेश जैसे भू कानून लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। रोजगार में स्थानीय युवाओं को 80 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम करूंगा। स्थायी राजधानी के मुद्दे पर राष्ट्रीय दल जनता को भ्रमित करते रहे हैं।
-मोहन काला, उक्रांद प्रत्याशी