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Uttarakhand Election 2022 : जो गुटबाजी से पार पाएगा वहीं जीत का हकदार कहलाएगा
Sat, 12 Feb 2022 03:43 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 12 Feb 2022 03:43 PM IST
सार
इस बार भाजपा और कांग्रेस में से जो भी दल पार्टी के भीतर की गुटबाजी से पार पा जाएगा उसी दल का झंडा यहां लहराएगा। यही वजह है कि दोनों पार्टियां यहां जीत के दावे के बीच अपने कील, कांटे दुरुस्त करने में जुटी हैं।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
पिछले विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा प्रत्याशी ने इस सीट पर वोटों के अंतर के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी पर इस बार मामला कुछ अलग है। दरअसल इस बार भाजपा और कांग्रेस में से जो भी दल पार्टी के भीतर की गुटबाजी से पार पा जाएगा उसी दल का झंडा यहां लहराएगा।
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यही वजह है कि दोनों पार्टियां यहां जीत के दावे के बीच अपने कील, कांटे दुरुस्त करने में जुटी हैं। इन सबके बीच आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल और अन्य पार्टियों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के भी अपने-अपने दावे हैं, नतीजा क्या होगा यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा।
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रायपुर विधानसभा क्षेत्र में सभी पार्टियों के लिए आंतरिक राजनीति और गुटबाजी परेशानी का सबब बनी हुई है। भाजपा-कांग्रेस जैसे बड़े दल ही नहीं अन्य छोटी पार्टियों में भी धड़ेबाजी जबरदस्त है। पार्टी के भीतर कई गुट बने हैं, जो अपने-अपने नेता के लिए काम कर रहे हैं। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद विरोधी गुट सीधे तौर पर सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन अंदरखाने बहुत कुछ चल रहा है।
विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
रायपुर स्टेडियम की बदहाली, करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं मिल रहा लाभ
मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण पर सबकी नजर है। सभी पार्टियों के लिए मलिन बस्ती के निवासियों के वोट अहम हैं।
मलिन बस्ती क्षेत्रों में विकास कार्य, सभी क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करना
रायपुर विधानसभा में रिकॉर्ड काम हुए हैं। विकास के मोर्चे पर हमारी विधानसभा नंबर एक है। कांग्रेस या अन्य दलों के पास इस वक्त कुछ भी कहने के लिए नहीं है।
-उमेश शर्मा काऊ, भाजपा प्रत्याशी
रायपुर क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान एक भी विकास कार्य ढंग से नहीं हुआ। पूरी विधानसभा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विकास के लिए बदलाव जरूरी है।
-हीरा सिंह बिष्ट, कांग्रेस प्रत्याशी
उत्तराखंड की जनता 21 साल अपने साथ हुए अन्याय और धोखे से बेहद आहत है। प्रदेश के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पलायन जैसे मुद्दों पर सरकारों से नाराज हैं।
-नवीन पिरशाली, प्रत्याशी, आम आदमी पार्टी
रायपुर
कुल वोटर- 177176
पुरुष- 92433
महिला- 84732
थर्ड जेंडर - 11
मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण पर सबकी नजर है। सभी पार्टियों के लिए मलिन बस्ती के निवासियों के वोट अहम हैं।
मलिन बस्ती क्षेत्रों में विकास कार्य, सभी क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करना
रायपुर विधानसभा में रिकॉर्ड काम हुए हैं। विकास के मोर्चे पर हमारी विधानसभा नंबर एक है। कांग्रेस या अन्य दलों के पास इस वक्त कुछ भी कहने के लिए नहीं है।
-उमेश शर्मा काऊ, भाजपा प्रत्याशी
रायपुर क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान एक भी विकास कार्य ढंग से नहीं हुआ। पूरी विधानसभा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विकास के लिए बदलाव जरूरी है।
-हीरा सिंह बिष्ट, कांग्रेस प्रत्याशी
उत्तराखंड की जनता 21 साल अपने साथ हुए अन्याय और धोखे से बेहद आहत है। प्रदेश के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पलायन जैसे मुद्दों पर सरकारों से नाराज हैं।
-नवीन पिरशाली, प्रत्याशी, आम आदमी पार्टी
रायपुर
कुल वोटर- 177176
पुरुष- 92433
महिला- 84732
थर्ड जेंडर - 11