जैसे-जैसे चुनावी दिन नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे अब स्थानीय कद्दावर भी जनता के बीच अपनी पैठ और गहरी करने में लगे हैं। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के सितारगंज पहुंचने से पहले पार्टी में टिकट के दावेदार माने जाने वाले नेताओं ने भीड़ जुटाकर दमखम दिखाया।
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2017 के चुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी रहीं मालती विश्वास के साथ शक्तिफार्म और आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों की तादाद में महिलाएं परिवर्तन यात्रा में पहुंचीं। वहीं, पूर्व विधायक नारायण पाल, कांग्रेस प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष हाजी अनवार अहमद व वरिष्ठ कांग्रेसी हसनैन मलिक भी भीड़ के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इससे माना जा रहा है कि कांग्रेस में टिकट की दावेदारी के लिए कार्यकर्ता क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ दिखा रहे हैं।
उत्तराखंड बनने के बाद से अब तक हुए चार विधानसभा चुनावों में एक बार भी कांग्रेस सितारगंज सीट पर सिर्फ एक बार चुनाव जीती। 2002 से लेकर 2012 तक दस साल बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर नारायण पाल विधायक रहे। 2012 में भाजपा ने बंगाली कार्ड खेलते हुए किरन चंद्र मंडल को टिकट दे दिया और किरन यहां से विधायक बने।