उत्तराखंड: पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे पर हमले के विरोध में धरने पर बैठी कांग्रेस, भाजपा पर लगाया आरोप
Uttarakhand Election 2022: उत्तराखंड के बाजपुर में बैठक में शामिल होने जा रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के काफिले पर शनिवार दोपहर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था।
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भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे नैनीताल के पूर्व विधायक संजीव आर्य पर शनिवार को बाजपुर में हुए हमले के विरोध में कांग्रेस ने रविवार को धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता आज धरने पर बैठ गए। उन्हें मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा रोका गया और वह हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर धरने पर बैठ गए।
हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग
बाजपुर में शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे पूर्व विधायक संजीव आर्य पर हुए हमले के बाद रविवार को राजधानी देहरादून में भी सियासत गरमाई रही। हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने सीएम आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद कांग्रेसी वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, सहप्रभारी दीपिका पांडेय, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से सीएम आवास के लिए कूच किया। जहां पुलिस की ओर से हाथीबड़कला में चौकी के पास बैरीकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वहीं धरने में बैठ गए।
मुख्यमंत्री से अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यशपाल आर्य किसी विशेष क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उत्तराखंड की राजनीति में उनका अपना कद है। जिस तरीके से योजनाबद्ध ढंग से यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य पर जानलेवा हमला किया गया है, वह लोकतंत्र विरोधी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। गोदियाल ने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो आगामी विस सत्र में उनके विधायक इस मामले को उठाएंगे। इसके अलावा कार्यकर्ता बाहर सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा इस हमले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वह अवैध खनन में संलिप्त हैं और सरकार में बैठे लोगों का उन्हें संरक्षण प्राप्त है।
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इस दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि आज इस घटना का पूरे प्रदेश में विरोध किया जा रहा है। यह हमला एक सुनियोजित साजिश के तहत हुआ है, जिसके पीछे सरकार में बैठे कुछ बड़े लोगों का हाथ है। यदि आज शाम तक राज्य सरकार ने इस पर कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया तो वह खुद सरकार के विरुद्ध उपवास पर बैठ जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और डीजीपी अशोक कुमार से फोन पर बात कर यशपाल आर्य और संजीव आर्य को सुरक्षा दिए जाने की भी मांग की।
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि इस हमले की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। भाजपा को कभी भी संविधान में भरोसा नहीं रहा, उसने हमेशा ही लोकतंत्र की हत्या करने का कार्य किया है। भाजपा को अब अब जमीन खिसकती नजर आ रही है। यही वजह है कि वह इस तरह के अलोकतांत्रिक रवैया को अपना रही है। जब से इन दो नेताओं की घर वापसी हुई है, तब से भाजपा में मायूसी और सन्नाटा छाया हुआ है।
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान कराया गया यह हमला प्रायोजित
इसी हमले के विरोध में पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र संजीव आर्य पर हमले के विरोध में रविवार को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रभारी देवेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे। इस मामले में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान कराया गया यह हमला प्रायोजित था।
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उन्होंने कहा कि भाजपा के इशारे पर पूर्व मंत्री एवं विधायक पर हमला करवाया जाना निंदनीय है। कांग्रेस पार्टी इस हमले की निंदा करती है। वहीं, पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हमले के विरोध में आयोजित किए जा रहे धरने को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की थी।
अभियंताओं ने घेरा सीएम आवास, पुलिस ने रोका तो सड़क पर दिया धरना
वहीं नियमितीकरण की मांग को लेकर बीते लंबे समय से आंदोलनरत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं ने भी रविवार को मुख्यमंत्री आवास को घेराव कर अपना आक्रोश जताया। हालांकि पहले से तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगा रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोक झोंक भी हुई।
सीएम आवास कूच के लिए अभियंता रविवार को गांधी पार्क पर एकत्र हुए। जहां से अभियंता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम आवास कूच के लिए बढ़े। अभियंताओं की रैली को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कई कांग्रेसियों ने अपना समर्थन दिया। हाथीबड़कला पर पुलिस के रोकने से गुस्साए अभियंताओं ने सड़क पर बैठ कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अभियंताओं की आवाज को दबाने का काम कर रही है। लंबे समय से आंदोलनरत अभियंताओं की सरकार की ओर से अनदेखी की जा रही है। कहा कि अभियंता बीते करीब 12 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अभियंताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल बीते 20 दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द मांग पूरी नहीं की गई तो वह अपना आंदोलन उग्र करेंगे और मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल और आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।