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देहरादून समेत पांच शहरों का बनेगा ड्रेनेज मास्टर प्लान, पहली किस्त के लिए 60 लाख का बजट जारी
Thu, 17 Dec 2020 10:15 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 17 Dec 2020 10:15 PM IST
सार
- सीएम की घोषणा को अमली जामा पहनाने का काम किया शुरू
- करीब ढाई करोड़ रुपये का है बजट
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
उत्तराखंड के पांच मुख्य शहरों को जलभराव और अन्य समस्याओं से निजात मिलने की राह बन गई है। देहरादून, हरिद्वार सहित पांच शहरों का ड्रेनेज प्लान बनाने की शुरुआत कर दी गई है। शासन ने साठ लाख रुपये इसके लिए जारी भी कर दिए हैं।
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देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, भगवानपुर और हल्द्वानी में बारिश का पानी लोगों को खासा परेशान भी करता है। बेतरतीब निर्माण के कारण इन शहरों में मानसून और असमय होने वाली बारिश के कारण जलभराव होता है। इससे सड़कों आदि को भी नुकसान पहुंचता है। इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ समय पहले ही इन शहरों के ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने का आदेश जारी किया था।
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अब शासन ने इसके लिए 60 लाख रुपये जारी किए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान तैयार करने में करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें से पहले चरण में 60 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
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पहले नहीं थी अधिकतर शहरों में जल निकासी की समस्या
हल्द्वानी, हरिद्वार, देहरादून में पहले जल निकासी की समस्या नहीं थी। कारण यह भी था कि इन शहरों में नहरों का जाल बिछा हुआ था और कंक्रीट के निर्माण भी इतने नहीं थे। अब बेतरतीब निर्माण और नहरों के खत्म होने से पानी की निकासी के रास्ते बंद हो रहे हैं और ऐसे में शहरों को जल भराव और अन्य नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रेनेज प्लान में शामिल हो नहरों का जीर्णोद्धार
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ड्रेनेज प्लान में नहरों का जीर्णोद्धार शामिल किया जाना चाहिए और इसके लिए कोशिश भी की जाएगी। ये नहरें प्राकृतिक रूप से अतिरिक्त पानी की निकासी का जरिया भी थीं। अलग-अलग शहरों के लिए ड्रेनेज प्लान अलग-अलग होगा। मसलन देहरादून को अलग-अलग जोन में बांटकर ही ड्रेनेज प्लान बनाया जा सकता है। यह देखना होगा कि पानी के बहाव की प्राकृतिक दिशा क्या है।