फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Badrinath Dham DJ Controversy Priests and Saints Object to Loud Music at Cultural Festival Uttarakhand News

बदरीविशाल: डीजे बजने पर गरमाया विवाद, भड़के संत-पुरोहित बोले-उत्सव के नाम पर फूहड़ता, यहां शंख बजाना भी वर्जित

Thu, 24 Sep 2026 06:10 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 24 Sep 2026 06:10 PM IST
सार

बदरीनाथ धाम के आयोजित देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 को लेकर धार्मिक मर्यादाओं का मुद्दा उठ गया है। तीर्थ पुरोहित महापंचायत और ज्योतिर्मठ के संत ने कार्यक्रम के स्वरूप पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

विज्ञापन
Badrinath Dham DJ Controversy Priests and Saints Object to Loud Music at Cultural Festival Uttarakhand News
बदरीनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

बदरीनाथ धाम में धार्मिक आयोजन के नाम पर आयोजित किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के स्वरूप और प्रस्तुति को लेकर उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने नाराजगी व्यक्त की है। महापंचायत ने कहा कि बदरीनाथ धाम देश के चार प्रमुख धामों में शामिल है।

विज्ञापन


बदरीनाथ धाम स्थित अराइवल प्लाजा में सांस्कृतिक कार्यक्रम देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का आयोजन किया गया था, जिसमें उत्तराखंड के लोक गायक किशन महिपाल, और प्रसिद्ध गायिका प्रियंका महर ने अपनी प्रस्तुति दी थी। दोनों ही कलाकारों का सोशल मीडिया पर विरोध तेज हो गया। प्रियंका महर को लोग खासतौर पर ट्रोल करने लगे।
विज्ञापन


कार्यक्रमों के आयोजन पर गंभीरता से विचार
उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि बदरीनाथ धाम स्थित अराइवल प्लाजा में सांस्कृतिक कार्यक्रम देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 आयोजित किया गया। महापंचायत का सवाल कार्यक्रम आयोजित किए जाने के उद्देश्य को लेकर नहीं बल्कि उसके स्वरूप और प्रस्तुति को लेकर है। डॉ. सती ने कहा कि बदरीनाथ धाम की धार्मिक और पौराणिक मर्यादा को देखते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि धाम की परंपराओं और मान्यताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम में शंख की ध्वनि को लेकर धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में तेज ध्वनि और संगीत के माध्यम से शोर उत्पन्न करना धाम की धार्मिक गरिमा के अनुरूप नहीं है।  इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण के पर्यावरणीय प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। महापंचायत ने कहा कि कपाट खुलने से पहले भी धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। मांग की है कि बदरीनाथ धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पौराणिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस नीति और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बदरीनाथ में सांस्कृतिक उत्सव के नाम पर फूहड़ता का आरोप

ज्योतिर्मठ के स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरी महाराज ने बदरीनाथ धाम में सांस्कृतिक उत्सव के नाम पर धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर अमर्यादित गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। स्वामी मुकुंदानंद गिरी महाराज ने कहा कि हाल ही में बदरीनाथ धाम के अराइवल प्लाजा में सेना और जिला प्रशासन ने दो दिवसीय देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल आयोजित किया। इस दौरान बदरीनाथ धाम की धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बदरीकाश्रम ऋषि-मुनियों की तपस्थली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां शंख बजाना भी वर्जित माना जाता है, ताकि भगवान नर-नारायण की तपस्या और एकाग्रता में विघ्न न पड़े। ऐसे में इस प्रकार के आयोजनों से धाम का धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है। ज्योतिर्मठ के स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरी महाराज, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला व चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने बद्रीनाथ धाम में सांस्कृतिक उत्सव के नाम पर धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप लगाया है।  स्वामी मुकुंदानंद गिरी महाराज ने सीएम से हस्तक्षेप की मांग की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed