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उत्तराखंड: सीधी भर्ती वाले पीसीएस अफसरों को मिलेगा प्रमोशन, सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करेगी सरकार
Mon, 07 Sep 2020 11:53 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 07 Sep 2020 11:53 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
उत्तराखंड में सीधी भर्ती और प्रमोटी पीसीएस अफसरों के वरिष्ठता विवाद के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करेगी। उन्होंने इस विवाद के जल्द हल होने के संकेत दिए।
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बता दें कि दोनों बैच के अफसरों के वरिष्ठता विवाद पर 14 फरवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के सीधी भर्ती के पीसीएस अफसरों के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने नायब तहसीलदार से एसडीएम बनाए गए अफसरों को उन्हें नियमित डीपीसी से प्रमोट होने पर मिलने वाली वरिष्ठता का लाभ देने के आदेश दिए। लेकिन प्रमोटी पीसीएस अफसर 2004 से अपनी तदर्थ सेवा का लाभ चाहते हैं। सरकार ने इसे पहले ही खारिज कर दिया था।
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मगर हाईकोर्ट ने प्रमोटी पीसीएस के पक्ष में फैसला दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो बाजी उलट गई। फैसला सीधी भर्ती के पीसीएस अफसरों के पक्ष में चला गया। इस मामले में दोनों पक्ष अपर मुख्य सचिव कार्मिक, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अपने तर्क पेश कर चुके हैं। अब फैसला सरकार को लेना है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करने में हो रही देरी से नाराज सीधी भर्ती वाले अफसरों ने सरकार को अवमानना का नोटिस भी भेज दिया है।
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इस विवाद पर मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप निर्णय लेगी। उन्होंने कार्मिक विभाग को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए है। सीधी भर्ती के पीसीएस अफसरों को वरिष्ठता का लाभ मिलेगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह लाभ 15 अफसरों को ही मिलेगा। लेकिन सीधी भर्ती वाले सभी 20 अफसरों की वरिष्ठता को लेकर दबाव बना रहे हैं।