Uttarakhand Lockdown : कोरोना के प्रभाव से सदमें में देहरादून की टूर एंड ट्रैवल इंडस्ट्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन खत्म होने के बाद कुछ कामकाज तो तत्काल पटरी पर लौट जाएगा, लेकिन कई क्षेत्रों में इसके दूरगामी परिणाम भयंकर होने की आशंका है। इन्हीं में से एक है देहरादून की टूर एंड ट्रैवल इंडस्ट्री। क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आशंका जताई है कि आगामी छह माह तक भी कामकाज सुचारू नहीं हो सकता है। ज्यादातर वाहन बैंकों से ऋण लेकर खरीदे गए हैं, लिहाजा अब उनकी किश्तें और आने वाले समय में ब्याज भी इनकी कमर तोड़ सकता है।
दरअसल, देहरादून में लगभग 300 टैक्सी व मैक्सी मालिक हैं। इनके पास तकरीबन 3000 से ज्यादा टैक्सियां हैं। इनसे सीधे तौर पर लगभग चार से पांच हजार परिवारों की रोजी रोटी जुड़ी है। वर्तमान समय में तो ट्रैवल व्यवसाय बंद है ही, लेकिन इसके आगे भी काफी दिनों तक प्रभावित रहने की आशंका है। दून ट्रैवल्स आनर्स एसोसिएशन के अनमोल अग्रवाल का कहना है कि आगामी छह माह तक भी कारोबार पटरी पर नहीं लौटेगा।
इनमें सबसे ज्यादा परेशानी उन टैक्सी मालिकों को होगी, जिनकी ज्यादातर गाड़ियां बैंकों से ऋण लेकर खरीदी गई हैं। उनका कहना है कि इस माहौल में तो क्या आने वाले समय में भी बैंकों की किश्त चुकानी भारी पड़ जाएगी। इसके साथ ही राज्य कर, परिवहन टैक्स आदि भी निकालने में टैक्सी मालिकों को भारी परेशानी होगी । हर साल चारधाम यात्रा ही एक ऐसा मौका होता है जब टूर ट्रैवल व्यवसाय में अच्छी खासी बहार रहती है, लेकिन इस बार इस पर भी संकट के बादल छाए हुए हैं। तमाम जगहों पर बुकिंग कैंसिल की जा चुकी हैं।
बैंकों से छूट ली भी सहायक नहीं
बैंकों ने जो किश्त चुकाने में तीन माह की मोहलत दी है उसका भी बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। अनमोल अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल तो किश्त नहीं देनी है, लेकिन जब देनी है उस पर इन तीन माह का ब्याज भी तो देना होगा। इस स्कीम में बैंक पहले से भी ज्यादा धन ले लेंगे। जब काम ही बंद है तो आगामी समय में भी कैसे होगा।
सबसे ज्यादा मार चालकों पर
शहर में तकरीबन दो से ढाई हजार चालक ऐसे हैं जो किराए पर गाड़ी चलाते हैं। मसलन वे टूर ट्रैवल वालों के यहां नौकरी करते हैं। ऐसे में उनका परिवार चलाने के बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि दिल्ली सरकार की तर्ज पर यहां के चालकों को भी पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएं।
आने वाले समय में हालात हमारे क्षेत्र के बहुत खराब होने वाले हैं। इस क्षेत्र में देहरादून में ही लगभग चार हजार परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। सरकार से मांग है कि राज्य परिवहन कर में भी छह माह की छूट दी जाए। - जगदीश सिंह, अध्यक्ष दून ट्रैवल ऑनर्स एसोसिएशन
हमारे ज्यादातर वाहन लोन पर ही खरीदे गए हैं। फिलहाल तीन माह तो छूट है, लेकिन आगे ब्याज भी तो ज्यादा देना होगा। सरकार को चालकों को दिल्ली सरकार की तर्ज पर मदद करने के बारे में सोचना चाहिए। - अनमोल अग्रवाल, सचिव दून ट्रैवल आनर्स एसोसिएशन
मौजूदा संकट के दौर में केंद्र और राज्य सरकार ने कई तरह से मदद की है। लेकिन, हमारे क्षेत्र को आगामी छह माह तक भी सांस नहीं आएगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह राज्य परिवहन कर में छह माह तक छूट दे। - सुरेंद्र कोहली, ट्रैवल एजेंसी मालिक
फिटनेस वाली टैक्सियों को परविहन कर में छूट देने की मांग
दून ट्रैवल आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि उन्हें फिटनेस वाली टैक्सियों के परिवहन कर में छह माह की छूट दी जाए। इससे पहले केदारनाथ आपदा के वक्त तत्कालीन सरकार ने दो साल की छूट दी थी। एसोसिएशन के मुताबिक वर्तमान में हालात टूटे हुए हैं जो कि सुधरने में लंबा समय लगेगा।