इंदिरा हृदयेश स्मृति शेष: हल्द्वानी को विकसित कर दी नई पहचान और ऊंचाइयां, हर क्षेत्र में विकास कार्य कराए
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश विकास कार्यों के लिए जानी जाती थी। उनके कार्यकाल में हल्द्वानी में सड़कों का जाल बिछा।
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उत्तराखंड के ढांचागत विकास में भी डॉ. इंदिरा हृदयेश की अहम भूमिका रही। उन्होंने हल्द्वानी शहर को विकसित कर नई पहचान और ऊंचाइयां दीं। सर्किट हाउस, कॉलटैक्स से एसटीएच तिराहा तक नहर कवरिंग, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण, नैनीताल, कालाढूंगी रोड का चौड़ीकरण समेत कई विकास कार्य उनके मंत्री रहते हुए। उनकी विकासपरक सोच के विपक्ष के लोग भी कायल रहे हैं।
सर्किट हाउस का निर्माण
राज्य बनने के बाद शहर में बने प्रमुख भवनों की बात करें तो उसमें काठगोदाम में बना सर्किट हाउस भी शामिल है। लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता बीसी बिनवाल बताते हैं कि हल्द्वानी का जो विकसित रूप है, उसकी नींव डॉ. इंदिरा हृदयेश ने रखी थी। सर्किट हाउस का निर्माण कार्य तत्कालीन एनडी तिवारी की सरकार के समय में शुरू हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गौलापार में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कार्य डॉ. इंदिरा हृदयेश के मंत्री रहते शुरू हुआ। उन्होंने बदरीपुरा के स्टेडियम का उच्चीकरण भी कराया। 2016 में नए स्टेडियम का लोकार्पण किया गया।
नहर कवरिंग
नैनीताल रोड पर वाहनों का दबाव कम करने समेत आवागमन को बेहतर करने के लिए कॉल टैक्स से एसटीएच तिराहे तक सात किमी से अधिक क्षेत्र में नहर की कवरिंग कर मार्ग को के चौड़ीकरण में इंदिरा का ही योगदान है। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के बगल से एसटीएच तक नहर कवर कर मार्ग को चौड़ा भी इंदिरा के मंत्री रहते किया गया।
कई मार्गों का कराया निर्माण
इंदिरा ने कई मार्गों का निर्माण करवाया। इनमें नैनीताल रोड और कालाढूंगी रोड का चौड़ीकरण, टीपीनगर चौराहे तक फोरलेन, टीपी नगर से तीनपानी तक का मार्ग, मोहल्ले और गली तक कई सड़कों का निर्माण, चौराहों का चौड़ीकरण आदि शामिल हैं। इसके अलावा कोऑपरेटिव बैंक चौराहा मार्ग का चौड़ीकरण भी उन्होंने कराया। नैनीताल रोड पर एलिवेटेड फ्लाई ओवर की संभावना भी तलाशी गई थी।
पुलों का निर्माण
काठगोदाम में पहले एक आयरन ब्रिज था, ऐसे में वाहनों के आने-जाने में समस्या होती थी, बाद में एक और पुल बनाया गया। नैनीताल मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य से लेकर कालाढूंगी मार्ग पर डिवाइडर और गौला बाईपास पर पुल बनाना उनकी उपलब्धियों में शामिल है।
बेस अस्पताल का नया भवन
बेस अस्पताल का नया भवन भी डॉ. इंदिरा हृदयेश के प्रयासों से बना। हल्द्वानी मेडिकल कालेज बनने के साथ पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू हुई।