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Uttarakhand: श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही सरकार- सीएम धामी

संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 05 Aug 2022 09:12 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी की कमी के कारण किसानों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक है। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी की मजबूती के लिए कृषि, उद्यान व सिंचाई विभाग की योजनाओं को एक साथ मिलकर तैयार किया जाएगा।

सीएम पुष्कर सिंह धामी
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : Twitter @pushkardhami
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विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार दुग्ध उत्पादकों का हरसंभव सहयोग कर रही है। दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से राज्य के 600 दुग्ध उत्पादकों के खातों में धनराशि भेजी। उन्होंने राज्य के सर्वश्रेष्ठ 26 दुग्ध उत्पादकों को चेक वितरित करने के साथ ही तिरंगा भेंटकर सम्मानित भी किया।



शुक्रवार को रुद्रपुर के जवाहर नवोदय स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में आजादी के बाद श्वेत क्रांति का इतिहास शानदार रहा है। भारत विश्व में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाले देशों में शामिल है। उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादकों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। उत्तराखंड के 13 जिलों की 4350 दुग्ध समितियों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 1,93,709 लीटर दूध की बिक्री हो रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी की कमी के कारण किसानों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक है। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी की मजबूती के लिए कृषि, उद्यान व सिंचाई विभाग की योजनाओं को एक साथ मिलकर तैयार किया जाएगा। यदि सिंचाई विभाग अपनी कोई योजना तैयार करेगा तो इस संबंध में कृषि विभाग से अनुमति ली जाएगी। इससे कृषि उत्पादन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।

उन्होंने कहा कि वह नीति आयोग की बैठक में इस मुद्दे को रखेंगे और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अधिक बजट की मांग करेंगे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, ब्लॉक प्रमुख ममता जल्होत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, सचिव दुग्ध बीवीआरसी पुरुषोत्तम, संजय डिमरी, नितिन भदौरिया, मुकेश बोरा, डॉ. पीसी नागपाल, सुरेश परिहार, राम पांडेय आदि थे।

इन 26 दुग्ध उत्पादकों को किया गया सम्मानित
ऊधमसिंह नगर से गुरु उपदेश देव व हरपाल कौर, नैनीताल जिले से गंगा देवी व दीपा देवी, चंपावत से गीता देवी व रघुवर मुरारी, देहरादून से अमित कुमार व मनोरमा बोहरा, अल्मोड़ा से मीरा देवी व हेमा देवी, बागेश्वर से दीपा देवी व विमला देवी, चमोली से रीता देवी व काशमीरा देवी, टिहरी से सरोजनी देवी व श्वेता देवी, पिथौरागढ़ से प्रिया मेहता व ममता देवी, हरिद्वार से मनविंदर कौर व हरजीत कौर, उत्तरकाशी से जयेंद्र सिंह व पुष्पा देवी, पौड़ी से प्रभा देवी व सुभाष सिंह और रुद्रप्रयाग से अमिता देवी व मीना देवी। 

विश्व के कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन का 40 प्रतिशत भारत में 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है। विश्व में होने वाले कुल डिजिटल लेनदेन का 40 प्रतिशत भारत में हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के एक लाख 13 हजार दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 22 करोड़ की धनराशि भेजी जानी है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि काशीपुर से दिल्ली के लिए फोरलेन हाइवे को भारत सरकार मंजूर कर चुकी है। 

भोजन को लेकर मारामारी 

कार्यक्रम में पहुंचे दुग्ध उत्पादकों के लिए जवाहर नवादेय स्कूल परिसर में दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। दोपहर करीब दो बजे कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भोजन के लिए लोग पहुंचे तो थोड़ी ही देर में प्लेटें खत्म हो गईं। इसके बाद भोजन के साथ प्लेटों के लिए मारामारी की स्थिति रही। इस कारण कई दुग्ध उत्पादक बगैर भोजन किए ही लौट गए। संवाद

वर्ग एक ख की भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की मांग
ब्लॉक प्रमुख कमलजीत कौर ने अपने पति भाजपा नेता पलविंदर सिंह औलख के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं से सीएम और कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर से वर्ग एक ख की जमीन पर मालिकाना हक दिया गया था लेकिन समय अवधि न रहने के कारण यहां के कई किसान मालिकाना हक मिलने से वंचित रह गए। ऐसे किसानों को भी वर्ग एक ख की भूमि पर मालिकाना हक दिया जाए। उन्होंने बाढ़ से बचाव के लिए समय रहते पत्थर की पिचिंग कराने की मांग की। इसके अलावा जनजाति के बच्चों के लिए स्टेडियम बनवाने की मांगी की। ब्लॉक प्रमुख ने सितारगंज चीनी मिल को अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से चालू कराने की मांग भी रखी। उन्होंने गन्ना किसानों को बकाया भुगतान देने पर सरकार का आभार जताया। 
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