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उत्तराखंडः इस शिक्षक के जाने पर बच्चों के साथ रोया था पूरा गांव, अब मुख्यमंत्री से मिला सम्मान

Tue, 27 Aug 2019 08:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 27 Aug 2019 08:22 AM IST
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uttarakhand cm honored uttarkashi teacher ashish dangwal
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया सम्मान - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में असी गंगा घाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भंकोली में तैनात रहे शिक्षक आशीष डंगवाल को आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री रावत ने सीएम आवास में आशीष की हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि आशीष जैसे ऊर्जावान शिक्षकों से मिलकर बहुत खुशी होती है। यह बेहद खुशी की बात है कि उत्तराखंड में बहुत से अच्छे शिक्षक हैं जो तमाम मुश्किलों के बावजूद समाज को नई दिशा दे रहे हैं।

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बता दें कि राजकीय इंटर कॉलेज भंकोली में तैनात शिक्षक आशीष डंगवाल ने तीन साल तक कार्य करने के बाद हाल ही में प्रवक्ता पद की परीक्षा उत्तीर्ण की। जिसके बाद 21 अगस्त को उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया। शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। जिसमें न सिर्फ छात्र-छात्राएं एवं विद्यालय के शिक्षक बल्कि अभिभावक भी भावुक हो गए।

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टिहरी के राइंका गरखेत में हुआ आशीष का ट्रांसफर

रुद्रप्रयाग जिले के श्रीकोट गांव निवासी 27 वर्षीय आशीष डंगवाल को वर्ष 2016 में राइंका भंकोली में सामाजिक विज्ञान के एलटी शिक्षक के तौर पर पहली नियुक्ति मिली थी। अब उनका ट्रांसफर टिहरी के राइंका गरखेत में हो गया है। 

विदाई में ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ शिक्षक को गांव के बाहर तक विदा करने आए। आशीष ने इस विदाई समारोह को लेकर एक फेसबुक पोस्ट भी लिखी। जिसमें उन्होंने छात्रों ओर गांव वालों के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने लिखा मेरी प्यारी केलसु घाटी, आपके प्यार, आपके लगाव ,आपके सम्मान, आपके अपनेपन के आगे, मेरे हर एक शब्द फीके हैं।

फेसबुक पर लिखी पोस्ट

आशीष ने लिखा कि सरकारी आदेश के सामने मेरी मजबूरी थी मुझे यहां से जाना पड़ा, मुझे इस बात का बहुत दुख है। आपके साथ बिताए तीन वर्ष मेरे लिए अविस्मरणीय हैं। भंकोली, नौगांव , अगोडा, दंदालका, शेकू, गजोली, ढासड़ा की समस्त माताओं, बहनों, बुजुर्गों, युवाओं ने जो स्नेह बीते वर्षों में मुझे दिया मैं जन्म जन्मांतर के लिए आपका ऋणी हो गया हूं। 

मेरे पास आपको देने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन एक वादा है आपसे की केलसु घाटी हमेशा के लिए अब मेरा दूसरा घर रहेगा। आपका ये बेटा लौट कर आएगा। आप सब लोगों का तहेदिल से शुक्रियादा करता हूं। मेरे प्यारे बच्चों हमेशा मुस्कुराते रहना। आप लोगों की बहुत याद आएगी।

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