टिहरी: छह दिन बाद पिंजरे में कैद हुआ दो बच्चों को निवाला बनाने वाला गुलदार
- नरेंद्रनगर ब्लॉक के गांवों में बनी हुई है दहशत
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उत्तराखंड के टिहरी में सलडोगी ग्राम पंचायत के पीपलसारी गांव से वन विभाग को एक और गुलदार को पिंजरे में कैद करने में सफलता मिली है। छह दिन पहले ही वन विभाग की टीम ने क्षेत्र के कसमोली गांव में एक गुलदार को मार गिराया था।
गुलदार ने 11 और 13 अक्तूबर रात को दो मासूम बच्चों को निवाला बनाया था। एक गुलदार ढेर होने और दूसरा पकड़ा जाने के बाद भी क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फिलहाल वन विभाग की टीम क्षेत्र में ही तैनात रहेगी।
सलडोगी के पीपलसारी गांव में वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा रखा था। सोमवार सुबह करीब 4 बजे एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। पिंजरे में कैद होने पर गुलदार दहाड़ मारने लगा।
गुलदार पूरी तरह से स्वस्थ
ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे और गुलदार को पशु चिकित्सालय मुनिकीरेती ले गए। रेंज अधिकारी विवेक जोशी ने बताया गुलदार पूरी तरह से स्वस्थ है। कुछ दिन निगरानी में रखने के उपरांत उसे चिड़ियापुर रेंज के जंगल में छोड़ा जाएगा।
बता देें कि 11 अक्तूबर की रात को गुलदार ने पीपलसारी गांव के मुकेश रावत की सात वर्षीय बेटी स्मृति और 13 अक्तूबर को कसमोली गांव निवासी प्रताप सिंह रमोला के पांच वर्षीय बेटे रौनक को निवाला बना डाला था। उसी रात वन विभाग की टीम ने कसमोली में एक गुलदार को ढेर कर डाला था।
ग्रामीण मुकेश रावत, अनिल रावत, उर्मिला देवी ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रखने की मांग की है। रेंज अधिकारी जोशी ने बताया कि फिलहाल दोनों गांव में पिंजरा भी लगा रहेगा। वन कर्मियों की टीम भी यथावत बनी रहेगी।