Uttarakhand: यूसीसी में संशोधन, उपनलकर्मियों को समान कार्य का समान वेतन, जानें धामी कैबिनेट के अन्य फैसले
Uttarakhand Cabinet Decisions: सीएम धामी अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों और उपनल कर्मियों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है।
विस्तार
उत्तराखंड में 10 साल तक निरंतर सेवा देने वाले उपनलकर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतनमान मिलेगा। बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने को मंजूरी दे दी है। पहले चरण में राज्य गठन से वर्ष-2015 तक लगातार 10 साल सेवा करने वाले करीब 8000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। वहीं कुल 21 हजार से अधिक उपनलकर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं होम-स्टे योजना का लाभ अब केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा। साथ ही समान नागरिक संहिता में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार की शाम हुई कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट में लिए फैसलों की जानकारी सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली ने दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने जनहित याचिका कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य में उच्च न्यायालय ने 12 नवंबर 2018 को आदेश दिया था। उस क्रम में गठित मंत्रिमण्डलीय उप समिति की बैठक आठ दिसंबर 2025 को हुई थी। उप समिति की सिफारिशों पर कैबिनेट ने विचार किया।
तय किया गया कि उपनल के माध्यम से कार्योजित कर्मियों को 10 साल की निरंतर सेवा पर समान कार्य-समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। पहले चरण में राज्य गठन से लेकर वर्ष 2015 तक के करीब 8000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसके बाद चरणबद्ध 2016 और फिर 2018 तक के कर्मचारियों को ये लाभ मिलेगा। ये भी तय हुआ है कि अब उपनल के माध्यम से कर्मचारी केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्यों में ही सेवा करेंगे। ब्रीफिंग में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।
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समान नागरिक संहिता में संशोधन के अध्यादेश पर सहमति
कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाने पर सहमति दी है। इसके लिए गठित समिति की संस्तुति के आधार पर और मूल संहिता के प्रावधानों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों व लिपिकीय त्रुटियों के समाधान के लिए ये संशोधन होंगे। इसके तहत जिनका विवाह जनवरी 2025 से पूर्व हुआ है, उन्हें अब पंजीकरण के लिए छह माह के बजाए एक साल तक का समय दिया जाएगा। रजिस्ट्रार जनरल अब सचिव के बजाए अपर सचिव स्तर के हो सकेंगे। समय से काम न करने वालों को फाइन के बजाए पेनल्टी देनी होगी, जिसके लिए शाब्दिक सुधार होगा।
होम स्टे केवल स्थानीय निवासी बना सकेंगे
प्रदेश में उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यावसाय, होम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके तहत होम स्टे योजना का लाभ अब केवल राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। बाहरी राज्यों के लोग यहां होम स्टे नहीं बना सकेंगे। बाहरी राज्यों के लोग केंद्र सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत काम कर सकेंगे।
बजट सत्र पर फैसला सीएम लेंगे
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसकी तिथि और स्थान पर निर्णय लेने के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। अभी ये भी तय होना बाकी है कि बजट सत्र देहरादून में होगा या ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में।
16 विशेष न्यायालयों के लिए 144 पदों के सृजन को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट याचिका सतेंद्र कुमार अन्टिल बनाम सीबीआई में पारित आदेश के तहत उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के क्रम में प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनआई एक्ट, पीएमएलए एक्ट से संबंधित वादों के निस्तारण के लिए 16 विशेष न्यायालय बनेंगे। पहले चरण में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के विशेष न्यायालयों में कैबिनेट ने 144 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी।
ये भी हुए अहम फैसले
- पेराई सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश की डोईवाला, किच्छा, नादेही व बाजपुर चीनी मिलों के लिए 270.28 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति(स्टेट गारंटी) को मंजूरी। मिलें ऋण ले सकेंगी।
-प्रदेश में गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य अगेजी प्रजातियों के लिए 405 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजातियों के लिए 395 रुपये प्रति कुंतल के फैसले पर मुहर। पूर्व में सीएम ने विचलन से लिया था निर्णय।
-उत्तराखंड निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की सेवा नियमावली को मंजूरी।
-उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् करने पर मुहर।
-यूकॉस्ट के अल्मोड़ा और चंपावत आंचलिक विज्ञान केंद्रों के लिए 12 पदों के सृजन को मंजूरी।
-पिटकुल का 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा पटल पर रखने को स्वीकृति।
-उत्तराखंड वन विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं वर्ष 2022-23 के वार्षिक लेखों की सम्परीक्षा विधान सभा पटल पर रखने को मंजूरी।
-बागवानी मिशन योजना के तहत एंटीहेल नेट योजना पर केंद्र सरकार से 50 प्रतिशत सहायता के साथ अब राज्य सरकार भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता देगी। इससे सेब, आडू, प्लम, खुबानी, नाशपाती की फसलें ओलावृष्टि से बच सकेंगी।
-दून विवि स्थित हिंदू अध्ययन केंद्र में छह पदों(एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर, दो शिक्षणेत्तर कर्मचारी) के सृजन को मंजूरी।
-औद्योगिक विकास (खनन) विभाग से संबंधित सात मार्च को जारी अधिसूचना में गौला, कोसी, दाबका व नन्धौर के लिए लागू संशोधित बिक्री दर में अंकित शब्द नन्धौर के स्थान पर नन्धौर एव अन्य नदियां करते हुए संशोधन को मंजूरी।
-खेल महाकुंभ के तहत विधायक स्तर के खेल पर ट्रॉफी व एक लाख, सांसद स्तर के खेल पर ट्रॉफी व दो लाख और राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप में ट्रॉफी व पांच लाख रुपये की धनराशि राज्य सरकार देगी।
-प्रदेश में उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) को अब रोपवे, आटोमेटेड, मैकेनाईज्ड कार पार्किंग, टनल, कैविटी पार्किंग निर्माण की कार्यदायी संस्था बनाने को मंजूरी।
-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 330 की उपधारा-2 के तहत उत्तराखंड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली 2025 मंजूर।
-केदारनाथ धाम में पायलट प्रोजेक्ट के तहत खच्चर की लीद को पर्यावरण अनुकूल ईंधन पैलेट में बदलने को मंजूरी। इसमें 50-50 प्रतिशत लीद-चीड़ की पत्तियां होंगी।
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