फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand 21st Foundation Day 2020: Cm Trivendra singh rawat Exclusive Interview

राज्य स्थापना दिवस पर खास: उत्तराखंड को देश के शीर्ष तीन पर्यटन स्थलों में शामिल करेंगे- सीएम त्रिवेंद्र

Mon, 09 Nov 2020 02:10 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 09 Nov 2020 02:10 AM IST
सार

  • बोले त्रिवेंद्र-आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य बनेगा उत्तराखंड
  • पर्यटन, उद्योग, कृषि क्षेत्र सर्वोच्च प्राथमिकता, घर लौटे प्रवासियों को देंगे संबल

विज्ञापन
Uttarakhand 21st Foundation Day 2020: Cm Trivendra singh rawat Exclusive Interview
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड अपना 21वां जन्मदिन कोरोना की काली छाया में मना रहा है। कोरोना काल की दुश्वारियों ने राज्य के औद्योगिक और पर्यटन कारोबार की कमर तोड़ दी। लाखों लोग काम-धंधा छोड़कर उत्तराखंड अपने गांवों में लौटे हैं। ये सभी रोजगार और आजीविका की चिंता में डूबे हैं। इन चौतरफा चुनौतियों से घिरे राज्य को उबारने का जिम्मा प्रदेश सरकार के कंधों पर है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर अमर उजाला ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इन चुनौतियों और उनसे निपटने की योजना पर बातचीत की।

विज्ञापन


20 सालों की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
पिछले बीस वर्षों में उत्तराखंड में काफी विकास हुआ। उत्तराखंड हमेशा देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल रहेगा। राज्य की व्यावहारिक औद्योगिक नीति से उत्तराखंड में बड़ी मात्रा में निवेश हुआ। इन नीतियों से वर्ष 2015-2021 के मध्य राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) की वार्षिक वृद्धि दर 10.62 प्रतिशत रही। इसका आकार 2.93 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है। प्रतिव्यक्ति आय भी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।
विज्ञापन


वर्तमान में उत्तराखंड राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या मानते हैं?
पर्यटन और उद्योग हमारा प्रमुख सेक्टर है। ये राज्य की तरक्की और रोजगार दोनों का आधार है। कोरोना काल में यह बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसे दोबारा पटरी पर लाना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौतीहै। हम मानते हैं कि यह अस्थाई संकट है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यटन के लिए सरकार की भावी रणनीति क्या है? 
हम एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म के जरिए राज्य को एक वैश्विक पर्यटन स्थल बनाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य को देश के शीर्ष तीन पर्यटन स्थलों में स्थान दिलवाना है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जंग लगातार जारी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले-भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। सरकार में आते ही बड़ी कार्रवाई शुरू की। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाला इसका उदाहरण है। इसमें किसी को नहीं बख्शा गया। कई लोग जेल गए। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जंग लगातार जारी है। हमने उत्तराखंड का सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास को दलालों और माफिया से मुक्त कराया। सभी भ्रष्ट माफिया लोग हैं।

अपने हितों पर चोट लगने से वे एकजुट हो रहे हैं। वे सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। तमाम तरह की धमकियां दे रहे हैं। लेकिन भ्रष्टाचारियों के सामने न झुके हैं न झुकेंगे। यह हमारा वादा है कि इनको कभी सरकार में लिप्त नहीं होने देंगे। हमने सत्ता संभालते समय यह वादा किया था कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन देंगे और भ्रष्टाचार मुक्त विकास करेंगे। हमने खनन, निर्माण, वन और शराब के अवैध धंधे से पोषित हो रहे भ्रष्ट माफिया की कमर तोड़ी है। 

सुशासन की दिशा में किए कई काम
हमारी सरकार ने सुशासन की दिशा में कई कार्य किए। सचिवालय में ई ऑफिस शुरू किया ताकि फाइलों को ट्रैक किया जा सके। सीएम डैश बोर्ड बनाया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर दिया। 1905 पर दर्ज शिकायतों का समाधान तब तक नहीं माना जाता जब तक शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो जाता। तमाम कार्यालयों में लचर सिस्टम पर जो जंग लगा था, उसे हमने झाड़ने का काम किया। इससे कुछ लोगों को परेशानी भी हुई। 

दस साल का विजन पेपर तैयार
हमारी सरकार आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में देख रही है। इसके लिए, हमने दस साल का विजन 2030 पेपर भी तैयार किया है। इसमें शिक्षा और कौशल विकास, उद्योग, पर्यावरण, बुनियादी ढांचा, कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य और परिवहन सेक्टर पर फोकस होरहा है। आलवेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग, चारधाम रेल कनेक्टिविटी और हेली सेवाओं का विस्तार आने वाले वर्षों में राज्य के तीव्र विकास के मजबूत आधार बनेंगे।

कर्मचारियों के मसलों पर शुरू किया संवाद

हमने कर्मचारियों के मसलों पर संवाद का सिलसिला शुरू किया। पहली बार रिकार्ड विभागीय पदोन्नतियां हुईं। उत्तराखंड हड़ताली प्रदेश बन गया था। वर्ष 2017 में 22 हजार धरने प्रदर्शन हुए थे। लेकिन आज इनमें भारी कमी आई है। हमने आशा कार्यकर्ता के बारे में सोचा। उनका मानदेय तीन गुना बढ़ाया।

जोर कृषि, बुनियादी ढांचे और उद्योगों के विकास पर 
हमारा पूरा जोर कृषि, बुनियादी ढांचे और उद्योगों के विकास पर है। हम ऊर्जा विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। हमारी योजना कृषि में विविधता को बढ़ावादेने की है। हम बागवानी, सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती पर जोरदेने की योजना बना रहे हैं। आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम कर रहे हैं ताकि रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। हाइड्रोपावर सरकारी नीति के केंद्र में है। हमने राज्य को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष पर ले जाने का लक्ष्य रखा है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं। 

कोरोना प्रसार को रोकने में हम शीर्ष तीन राज्यों में रहे 
उत्तराखंड कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए शीर्ष तीन राज्यों में से एक रहा है। शुरुआत से हमारी तैयारियां रही हैं। इसने हमें किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार किया है। हमने राज्य में वेंटिलेटर की कमी को दूर किया। डॉक्टरों, प्रशिक्षित पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती की है। हमने न केवल रोगियों की संख्या को बढ़ने से रोका, बल्कि चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया।

कोरोनाकाल में उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के लाए मुख्यमंत्री रोजगार योजना

हम राज्य में रोजगार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों से लगातार इस पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लाए हैं। इस योजना में 150 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें कृषि, लघु उद्योग, आतिथ्य, कल्याण और प्रसंस्करण क्षेत्रों से संबंधित कार्य शामिल हैं। इसके एक भाग के रूप में, हमने 10 से 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी की व्यवस्था है। लोगों को अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित करने के लिए, योजना के तहत 25 लाख रुपये तक के ऋण की भी व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत अब तक हजारों लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है। 

कोरोना ने राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार का रोडमैप क्या है?
राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दोहरे दृष्टिकोण पर काम कर रहे हैं। हम सरकारीखर्चों में कटौती कर रहे हैं और राज्य सरकार के सभी विभागों के लिए मितव्ययिता के उपाय कर रहे हैं। राज्य में अन्य आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों के पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस तरह की गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए, एक कैबिनेट उपसमिति और विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है जो सामान्यीकरण की इस प्रक्रिया को देख रही है। इसके अलावा ऑलवेदर रोड, रेलवे लाइन का विस्तार और सड़क निर्माण जैसी सरकार की कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed