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उत्तराखंडः अभी भी नहीं खुली 130 सड़कें, पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से जवान की मौत

Wed, 17 Jul 2019 11:41 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 17 Jul 2019 11:41 PM IST
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Uttarakhand 130 road blocked After Heavy rain and landslide work in process
बदरीनाथ हाईवे पर आया मलबा - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश के कई इलाकों में आज भी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बारिश और चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 

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बारिश का कहर, 130 सड़कें मलबे से जाम
लगातार मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेशभर की करीब 130 सड़कें मलबा आ जाने के कारण जाम हो गई थीं, जिन्हें खोलने का काम बुधवार को भी जारी रहा। चारों धामों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे पर कुछ स्थानों पर मलबा आ गया था, जिसे हटा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सड़कों से मलबा हटाने में जुटी है। वहीं चमोली जिले में बारिश थमी है। यहां बिरही- निजमुला सहित सात अन्य बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है।
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वहीं पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से घायल गया (बिहार) निवासी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान पंकज कुमार की मौत हो गई। वह धारचूला पॉवर हाउस में तैनात था। हादसा उस वक्त हुआ जब बुधवार सुबह छह पंकज तीन अन्य जवानों के साथ वाहन से दोबाट से पॉवर हाउस की ओर जा रहा था। दोबाट से लगभग सौ मीटर दूर यह हादसा हो गया।
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मंगलवार देर शाम तक 39 प्रमुख मार्गों को खोल दिया गया था। लेकिन फिर बारिश होने से कुछ स्थानों पर मलबा आ गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। अभी भी 90 से अधिक मार्ग नहीं खोले जा सके हैं। इनमें सबसे ज्यादा ग्रामीण मोटर मार्ग हैं। लोनिवि के मुख्य अभियंता अयाज अहमद का कहना है कि सभी अवरुद्ध मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों को खोलने के लिए 95 जेसीबी मौके पर मौजूद हैं। 

प्रदेश के प्रमुख मार्ग जो अवरुद्ध हैं 
उत्तरकाशी :  बंछौरा-बदरी गाड़ स्टेट हाईवे
चमोली : बुंगीधार-महलचौरी स्टेट हाईवे, बिरही-गोना 
पौड़ी : लक्ष्मण झूला-दुगड्डा, घाट गाड़-सिलोगी मोटर मार्ग, खिर्सू-पोखरी-खेड़ाखाल
पिथौरागढ़ : कर्णप्रयाग-ग्वालदम-बागेश्वर-चौकोड़ी, सतसिलिंग-थल, तवाघाट-नारायण आश्रम
नैनीताल : खुटानी-पतलोट मोटरमार्ग
देहरादून : डामटा मोटर मार्ग, साहिया-क्वानू मोटर मार्ग

अवरुद्ध मार्गों का ब्योरा
मार्ग            कुल बंद    खोले गए
नेशनल हाईवे      2         2
स्टेट हाईवे          10       3
मुख्य जिला मार्ग    6        1
सामान्य जिला मार्ग    7    1
ग्रामीण सड़कें        57    18    
पीएमजीएसवाई की सड़कें    48    14
कुल योग        130    39
नोट: मार्गों को खोलने के लिए 95 जेसीबी काम कर रही हैं

जौनसार बावर की रफ्तार पर ब्रेक

क्षेत्र में सोमवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश से जौनसार बावर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। जगह-जगह मलबा आने से 14 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया। 40 से अधिक गांवों का संपर्क विकासनगर से कट गया है। लोग गांव में कैद होकर रह गए हैं। फसलों से लदे कई वाहन बीच रास्ते में जगह-जगह फंसे हुए हैं। लोगों को लंबी दूरी पैदल तय कर रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं गांव तक पहुंचानी पड़ रही हैं। 

विकासनगर और जौनसार बावर क्षेत्र में सोमवार की देर रात 1 बजे से बारिश का दौर जारी है। क्षेत्र में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश हो रही है। ऐसे में जगह-जगह मलबा आने से लोनिवि चकराता, साहिया और पीएमजीएसवाई की 14 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। लोग रास्ते में ही जगह-जगह फंसे हुए हैं। अमराड़ गांव के कुंवर सिंह, कुनैन गांव के अर्जुन सिंह राणा और डिमिच गांव के ज्योतिराम गौड़, गजेंद्र चौहान का कहना है कि सड़कों के बंद होने से फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इन दिनों क्षेत्र में टमाटर, बीन, अरबी, धनिया, मिर्च आदि की फसल होती है। इनका सही समय पर मंडी पहुंचना जरूरी होता है, लेकिन सड़कों के बंद होने से यह फसल मंडी तक नहीं पहुंच पा रही हैं। 

काश्तकार मैसानंद गौड़, बुद्धि सिंह, गजेंद्र, बारू दत्त, बालम सिंह, सुपा तोमर, अमित, बलवीर, पूरण सिंह का कहना है कि बड़ी मुश्किल से वह छानी से पीठ पर टमाटर लादकर मंडी तक पहुंचाने के लिए मुख्य सड़क तक लाए थे, लेकिन अब सड़क बंद होने से उनकी फसलें बीच सड़क पर ही फंस गई हैं। गर्मी और बारिश के चलते फसल सड़ने लगी है। यदि जल्द ही यातायात बहाल नहीं हुआ तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। 

ये सड़कें हैं बंद 

बारिश के बीच लोनिवि साहिया अंतर्गत हईया-अलसी-सकनी, हईया-अलसी-पंजिया, शंभू की चौकी-पंजिया, बडनू-जोशीगांव, बिजऊ बैंड-बडनू, चंदऊ-किशोऊ, उत्पाल्टा-उपरोली, साहिया-क्वानू मोटर मार्ग, लोनिवि चकराता अंतर्गत बागिया-डाडू मोटर मार्ग, डिरनाड-पुरटाड़, पुरोली-रावना-डामठा, खारसी मोटर मार्ग और पीएमजीएसवाई अंतर्गत सिलीगाड-कुनैन, कैलनखड्ड-डिमिच मोटर मार्ग सोमवार देर रात से बंद पड़े हुए हैं। 

दिनभर बंद और खुलता रहा कालसी-चकराता मोटर मार्ग 
भारी बारिश के बीच कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास पहाड़ी से भूस्खलन भी शुरू हो गया। दिनभर पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर लुढ़कते रहे। इसके चलते दिनभर सड़क पर यातायात खुलता और बंद होता रहा। पत्थरों के गिरने के चलते लोगों को बेहद सावधानी से सड़क पार करनी पड़ी।

12 घंटे बंद रहा दिल्ली-यमनोत्री मार्ग, वाहनों में गुजरी रात 
विकासनगर क्षेत्र में  देर रात से जारी बारीश के बीच दिल्ली-यमनोत्री मोटर मार्ग किमी 35 पर जुड्डो के पास मलबा आने से बंद हो गया। देर रात 9 बजे बंद हुए इस मार्ग पर सुबह 9 बजे आवाजाही बहाल हो सकी। इस दौरान कई वाहन बीच सड़क में ही फंसे रहे। लोगों को वाहनों में ही रात गुजारनी पड़ी। मंगलवार की सुबह लोनिवि ने जेसीबी से मलबे को हटा यातायात बहाल कराया। एनएच खंड देहरादून के अधिशासी अभिंयता जीत सिंह रावत ने बताया कि मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आया था, जिस कारण सड़क को खोलने में समय लग गया। जुड्डो के पास भूस्खलन संभावित जोन होने के कारण अधीनस्थों को एक जेसीबी वहां पर हरदम तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

बारिश से बंद सड़कों को खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। मौसम साफ होते ही सभी सड़कों से प्राथमिकता के आधार पर मलबा हटाने का काम शुरू किया जाएगा।
-डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया

कैलाश मार्ग जगह-जगह हुआ बंद, यात्रियों ने झेली परेशानी 

सोमवार रात से समूचे कुमाऊं में रुक रुककर बारिश जारी है। इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया। धारचूला-तवाघाट के बीच चेतलकोट में सड़क पर मलबा आने से कैलाश यात्रियों को एक घंटा रुकना पड़ा। इसके बाद उन्हें तीनतोला, पांगला में साढ़े पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। देरी के चलते यात्री बूंदी न जाकर रात्रि विश्राम पांगला में करेंगे। उधर बूंदी से धारचूला आ रहे पांचवे दल के 56 यात्रियों को भी दो से ढाई घंटे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बोल्डर और मलबा आने से भवाली-अल्मोड़ा एनएच पाडली में साढ़े छह बजे से 9 बजे तक बंद रहा। 

टनकपुर-चंपावत मार्ग सुबह करीब छह बजे बंद हो गया। पुलिस ने पहाड़ को जाने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया। करीब साढ़े पांच घंटे बाद मार्ग खुल पाया। सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग भी सुबह सात बजे बंद हो गया, जो 1:30 बजे खुला। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर टिपनटॉप, चल्थी, स्वांला, धौन और तिलौन में पत्थर और मलबा गिरने से मंगलवार को करीब छह घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। आवाजाही करीब दोपहर सवा 12 बजे सुचारु हो सकी। 

किरोड़ा नाले में मैक्स बहते-बहते बची
टनकपुर में बारिश से किरोड़ा और बाटनागाड़ नाले के उफान से पूर्णागिरि मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा। नायकगोठ रोखड़ पर किरोड़ा के उफान में यात्रियों से भरी एक मैक्स बहने से बाल-बाल बची। मार्ग बंद रहने से दोनों ओर यात्री फंसे रहे। जल स्तर कम होने के बाद यातायात सुचारु हो पाया।

गरुड़ रानीखेत में दो मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर जिले की देवानाई घाटी के घिरतोली और रानीखेत के सौखोला नाफड़ा में एक एक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। रानीखेत में पिपना-मनहेत और सल्ट में चकरगांव-घुघती सड़क मंगलवार सुबह बंद हो गए, जिन्हें दोपहर बाद खोला जा सका। इधर, गरुड़ में गागरीगोल-नरग्वाड़ी-तिलसारी, गरुड़ -बिनातोली-फल्याटी-कपकोट, कौसानी-भतेड़िया, डंगोली सैलानी सड़क पर भूस्खलन होता रहा। बागेश्वर में पोथिंग-शोभाकुंड सड़क पांच जुलाई से, कमेड़ी-भैसोड़ी सड़क दो दिन से बंद है।

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