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Uttarakhand: राज्य में तीन सौ से अधिक स्थान बाढ़ और जलभराव को लेकर संवेदनशील, यूएस नगर में सबसे अधिक समस्या
Sat, 05 Jul 2025 07:20 AM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 05 Jul 2025 07:20 AM IST
सार
उत्तराखंड में यूएस नगर जलभराव को लेकर सबसे अधिक संवेदनशील है। ऊधमसिंह नगर में 81, देहरादून 47, हरिद्वार 42 में स्थान हैं। इसके अलावा पौड़ी 26, उत्तरकाशी में 25, नैनीताल 20 जगह संवेदनशील हैं।
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विस्तार
राज्य में तीन सौ से अधिक स्थान बाढ़ और जलभराव को लेकर संवेदनशील हैं। इसमें सबसे अधिक संवेदनशील स्थान ऊधम सिंह नगर जिले में 81 हैं। मानसून में जलभराव की स्थिति से लोग जूझते हैं। पिछले वर्ष ऊधमसिंह नगर जिले में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था। जलभराव और बाढ़ की समस्या से बेहतर ढंग से निपटने के लिए सरकारी महकमे कोशिश करने का दाव कर रहे हैं।
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आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से मॉक ड्रिल भी हुई थी। इसके अलावा सिंचाई विभाग ने राज्य के जिलों में कितने स्थान संवेदनशील हैं, उनको चिह्नित किया है। राज्य में 305 स्थान ऐसे स्थान हैं, जहां पर जलभराव और बाढ़ की समस्या हो सकती है। इसमें ऊधमसिंह नगर में 81, देहरादून 47, हरिद्वार 42 में स्थान हैं। इसके अलावा पौड़ी 26, उत्तरकाशी में 25, नैनीताल 20 जगह संवेदनशील हैं।
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चमोली, चंपावत और पिथैरागढ़ में 10-10, रुद्रप्रयाग आठ, बागेश्वर पांच, अल्मोड़ा में चार स्थानों को संवेदनशील माना गया है। बीते दिनों सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें अधिकारियों ने जलभराव की समस्या से भी निपटने की तैयारियों के बारे में बताया था।