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अब चीन सीमा की सुरक्षा करेंगे मानवरहित विमान, यह है सेना की पूरी प्लानिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 05 May 2018 06:12 PM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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चीन से लगने वाली सीमा पर सुरक्षा बंदोबस्त दुरुस्त करने के लिए पंतनगर में मानवरहित विमानों (यूएवी) को तैनात किया जाएगा।
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इसके लिए सेना ने नागरिक उड्डयन विभाग से साठ एकड़ भूमि उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा है। इसके अलावा अल्मोड़ा के चौखुटिया में हवाई पट्टी बनाने के लिए भी पत्र भेजा है। इन दोनों मुद्दों को कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाएगा, जिसमें मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है।
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बाड़ाहोती में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। बेहद दुर्गम इलाका होने के नाते यहां सैनिकों की तैनाती मुश्किल है। ऐसे में अब इन क्षेत्रों को मानवरहित विमानों के जरिए चौकसी करने की कवायद की जाएगी।
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प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया नागरिक उड्डयन विभाग
indian army
इसके लिए पंतनगर हवाई अड्डे के नजदीक ऐसे विमानों का पूरा बेड़ा रखने की तैयारी है। सेना ने यहां साठ एकड़ भूमि मांगी है। नागरिक उड्डयन विभाग ने इस प्रस्ताव पर मुख्य सचिव स्तर पर चर्चा भी की है।
इस भूमि के अधिग्रहण में लगभग चालीस करोड़ का खर्च आएगा। सूत्रों के मुताबिक यह पैसा आर्मी देने को तैयार है। इसके अलावा अल्मोड़ा के चौखुटिया में हवाई पट्टी बनाने की मांग भी सेना की ओर से की गई है।
बताते हैं कि इलाके के किसान जमीन देने को तैयार है, बस सरकार को इसके लिए हरी झंडी देनी है। शासन स्तर पर इन दोनों ही मामलों को कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाने की तैयारी हो गई है। नागरिक उड्डयन विभाग इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार करने में जुट गया है।
इस भूमि के अधिग्रहण में लगभग चालीस करोड़ का खर्च आएगा। सूत्रों के मुताबिक यह पैसा आर्मी देने को तैयार है। इसके अलावा अल्मोड़ा के चौखुटिया में हवाई पट्टी बनाने की मांग भी सेना की ओर से की गई है।
बताते हैं कि इलाके के किसान जमीन देने को तैयार है, बस सरकार को इसके लिए हरी झंडी देनी है। शासन स्तर पर इन दोनों ही मामलों को कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाने की तैयारी हो गई है। नागरिक उड्डयन विभाग इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार करने में जुट गया है।
टोह लेने के अलावा बम गिराने तक में सक्षम
fighter plan
मानवरहित विमान जिसे अनमैंड एरियल व्हीकल (यूएवी) या ड्रोन भी कहा जाता है। यह एक ऐसा विमान है, जिसे सैन्य अभियानों में शत्रु क्षेत्र की टोह लेने एवं आवश्यकता पड़ने पर आक्रमण करने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
अन्य क्षेत्रों में इनका उपयोग भूमि एवं सागर के पर उड़ते हुए सर्वेक्षण करने में भी किया जाता है। चूंकि इन विमानों को रिमोट कंट्रोल के द्वारा नियंत्रित किया जाता है, इसलिए इन्हें चलाने के लिए पायलट की आवश्यकता नहीं होती है।
भारत के पास अभी अनमैंड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (यूसीएवी) नहीं है। हाल ही 10 यूसीएवी लाने के लिए इजरायल से करार हुआ है।
अन्य क्षेत्रों में इनका उपयोग भूमि एवं सागर के पर उड़ते हुए सर्वेक्षण करने में भी किया जाता है। चूंकि इन विमानों को रिमोट कंट्रोल के द्वारा नियंत्रित किया जाता है, इसलिए इन्हें चलाने के लिए पायलट की आवश्यकता नहीं होती है।
भारत के पास अभी अनमैंड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (यूसीएवी) नहीं है। हाल ही 10 यूसीएवी लाने के लिए इजरायल से करार हुआ है।