फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uniform civil code will provide social security Assembly Speaker Ritu Khanduri Uttarakhand news in hindi

Uniform Civil Code:छात्र संसद में बोलीं विधानसभा अध्यक्ष- सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी समान नागरिक संहिता

Sun, 18 Sep 2022 02:18 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 18 Sep 2022 02:18 PM IST
सार

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण ने कहा समान नागरिक संहिता का अर्थ भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना है। चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। संविधान में समान नागरिक संहिता की चर्चा अनुच्छेद 44 में की गई है।

विज्ञापन
Uniform civil code will provide social security Assembly Speaker Ritu Khanduri Uttarakhand news in hindi
विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि समान नागरिक संहिता सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी। संविधान निर्माताओं ने समान नागरिक संहिता का वचन दिया था। इसका पालन होना चाहिए। शनिवार को पुणे में तीन दिवसीय भारतीय छात्र संसद के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिभाग किया।

विज्ञापन


उन्होंने समान नागरिक संहिता विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि देश में राजनीति के क्षेत्र में बहुत से युवा आगे आ रहे हैं और उन युवाओं को राजनीति में आने का भारतीय छात्र संसद के माध्यम से बड़ा मंच मिलता है। ऐसे में युवा अपने सपने को साकार भी कर सकते हैं। 
विज्ञापन


समान नागरिक संहिता का अर्थ भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना है। चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। संविधान में समान नागरिक संहिता की चर्चा अनुच्छेद 44 में की गई है। राज्य के नीति-निर्देशक तत्व से संबंधित इस अनुच्छेद में कहा गया है कि राज्य व देश सभी राज्य क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्राप्त कराने का प्रयास करेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीएए, राम मंदिर, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना व तीन तलाक जैसे मुद्दों के फैसले हो गए हैं। अब बारी समान नागरिक संहिता की है। अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग कानून की जरूरत नहीं है।


ये भी पढ़ें...Uttarakhand News : सिफारिश से नौकरी पाने वालों की एक और सूची वायरल, हंगामे के बाद मुकदमा

नई पीढ़ी बदल चुकी है, उसे धर्म व जाति के बंधन से मुक्त कर समान कानून के दायरे में लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता के परीक्षण और क्रियान्वयन के लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति लोगों से सुझाव ले रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed