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अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती पर लगी अघोषित रोक हटे : शिक्षक संघ
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- अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने कहा, हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की भर्ती पर लगी अघोषित रोक हटाने की मांग की है। संगठन ने इन स्कूलों में पदों को पुनर्जीवित कराने के आदेश का भी विरोध किया है।
शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजल्वाण एवं महामंत्री महादेव मैठाणी ने कहा, अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती पर पिछले कई साल से शासन स्तर से रोक लगाई जाती रही है, इन स्कूलों में भर्तियों पर अब भी अघोषित रोक है, जो नियुक्तियां हो रही है, वह उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही हैं। इन स्कूलों में शिक्षक न होने की वजह से छात्रों के भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। खाली पदों को तीन माह में मृत घोषित किया जाना अव्यवहारिक एवं तर्कहीन है। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने पूर्व में भी लिखित मांगपत्र में इस अवधि को कम से कम दो वर्ष किए जाने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की भर्ती पर लगी अघोषित रोक हटाने की मांग की है। संगठन ने इन स्कूलों में पदों को पुनर्जीवित कराने के आदेश का भी विरोध किया है।
शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजल्वाण एवं महामंत्री महादेव मैठाणी ने कहा, अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती पर पिछले कई साल से शासन स्तर से रोक लगाई जाती रही है, इन स्कूलों में भर्तियों पर अब भी अघोषित रोक है, जो नियुक्तियां हो रही है, वह उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही हैं। इन स्कूलों में शिक्षक न होने की वजह से छात्रों के भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। खाली पदों को तीन माह में मृत घोषित किया जाना अव्यवहारिक एवं तर्कहीन है। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने पूर्व में भी लिखित मांगपत्र में इस अवधि को कम से कम दो वर्ष किए जाने की मांग की है।
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