UKSSSC: परीक्षाओं के लिए बहु स्तरीय सुरक्षा रणनीति तैयार करेगा आयोग, तैयारियों का होगा सिक्योरिटी ऑडिट
एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में जिन खामियों, गलतियों, चूक का जिक्र किया है, उस पर अब आयोग मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
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पेपर लीक प्रकरण के बाद अब अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) बहु स्तरीय सुरक्षा रणनीति (मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम) तैयार करेगा। वहीं, परीक्षा की तैयारियों का सिक्योरिटी ऑडिट भी किया जाएगा।
एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में जिन खामियों, गलतियों, चूक का जिक्र किया है, उस पर अब आयोग मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि सुझावों के आधार पर परीक्षा की तैयारी का सुरक्षा ऑडिट होगा। पेपर तैयार होने से लेकर परीक्षा कक्ष तक पहुंचने की पूरी चेन का दोबारा आकलन करके ऑडिट किया जाएगा।
यह ऑडिट प्रश्नपत्र की तैयारी, परिवहन और सीलिंग प्रक्रिया से लेकर परीक्षा केंद्र तक के सभी चरणों का होगा। आयोग ने ये भी तय किया है कि भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए एक मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम तैयार किया जाएगा।
इसमें तकनीकी ऑडिट, परीक्षा केंद्रों की निगरानी व्यवस्था, प्रश्नपत्र की सुरक्षित प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को और सख्त किया जाएगा। आयोग का मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह लीक-प्रूफ और निष्पक्ष बनाने की दिशा में यह व्यवस्था की जाए। आयोग का जोर इस बात पर है कि उम्मीदवारों का विश्वास उन पर दोबारा कायम हो।
UKSSSC: पेपर लीक मामला...परीक्षा में शुचिता, गोपनीयता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सब सवालों के घेरे में
यूकेएसएसएससी परीक्षा में कब क्या हुआ
- 21 सितंबर : प्रदेश भर में 445 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन।
- 22 सितंबर : सोशल मीडिया में पेपर के तीन पेज वायरल होने के बाद रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज।
- 22 सितंबर : पेपर लीक का आरोप लगाकर युवाओं ने परेड ग्राउंड देहरादून में आंदोलन शुरू किया।
- 25 सितंबर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
- 27 सितंबर : मुख्यमंत्री धामी ने प्रकरण की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
- 29 सितंबर : सीएम धामी परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पहुंचे। युवाओं को सीबीआई जांच, जरूरी होने पर परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया। आंदोलन स्थगित।
- 01 अक्तूबर: मुख्यमंत्री ने परीक्षा की सीबीआई जांच की सिफारिश की।
- 01-10 अक्तूबर : एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग ने हल्द्वानी, टिहरी व देहरादून में जनसंवाद किया।
- 11 अक्तूबर : न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द।
परीक्षा को छात्र हित में निरस्त किया है। यह निर्णय जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। पुनः आयोजित होने वाली यह परीक्षा अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं डालेगी। हर छात्र के लिए निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। नकल प्रकरण की जांच के लिए सीबीआई की संस्तुति कर दी है। सरकार छात्रों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार