पेपर लीक मामला: यूपी, उत्तराखंड के माफिया ने मिलकर खेला नकल का खेल, गिरोह का जल्द पर्दाफाश करेगी एसटीएफ
यूकेएसएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद आयोग के अध्यक्ष समेत अन्य अधिकारियों पर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग अधिकारियों पर तरह-तरह की टिप्पणियां भी कर रहे हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया गिरफ्तार शिक्षक ने पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश के कई नकल माफिया के नाम बताए हैं, जिनके माध्यम से नकल का पूरा खेल कई वर्षों से खेला जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के बड़े नकल माफिया गिरोह ने उत्तराखंड के नकल माफिया के साथ मिलकर उत्तराखंड सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा में पेपर लीक का खेल खेला। शनिवार को व्यायाम शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने यह दावा किया है।
एसटीएफ के अनुसार, शिक्षक ने पूछताछ में कई अहम राज खोले हैं, जिससे मामले के तार यूपी के नकल माफिया गिरोह से जुड़ रहे हैं। गिरोह के पर्दाफाश के लिए एसटीएफ की टीमों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है।
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एसटीएफ पेपर लीक मामले के लगभग तह तक पहुंच चुकी है। शनिवार को एसटीएफ ने जिस व्यायाम शिक्षक को गिरफ्तार किया है, उसने कई अहम राज खोले हैं। वह उत्तरकाशी क्षेत्र में सरकारी नौकरियों का सौदागर कहे जाने वाले मास्टरमाइंड का खास बताया जा रहा है।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया गिरफ्तार शिक्षक ने पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश के कई नकल माफिया के नाम बताए हैं, जिनके माध्यम से नकल का पूरा खेल कई वर्षों से खेला जा रहा है। शिक्षक से पूछताछ के बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के नकल माफिया के गठजोड़ का खुलासा हुआ है। मास्टरमाइंड को भी जल्द गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
आयोग के सहयोग से ही मिली सफलता : एसटीएफ
परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद आयोग के अध्यक्ष समेत अन्य अधिकारियों पर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग अधिकारियों पर तरह-तरह की टिप्पणियां भी कर रहे हैं। एसटीएफ ने इन टिप्पणियों को गलत बताते हुए कहा कि आयोग के सहयोग की बदौलत ही कम समय में पेपर लीक मामले में यह सफलता मिल पाई है।
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एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से पहले एस राजू ने औपचारिक और अनौपचारिक वार्ता में जांच को सही दिशा दी। इसके चलते काफी कम समय में ही एसटीएफ पेपर लीक मामले का पूरा खुलासा करने के करीब है। आयोग ने बड़ी संख्या में संदिग्ध छात्रों की जानकारी एसटीएफ से साझा की थी। लिहाजा एसटीएफ कई छात्रों को चिह्नित कर चुकी है और अभी पेपर लीक कराने वाले कर्मचारी के साथ ही 17 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।