{"_id":"6311e7c3b40402558850fb6e","slug":"uksssc-paper-leak-case-show-cause-notice-issued-to-rms-solutions-lucknow-for-blacklisting","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uksssc: RMS कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी, आयोग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uksssc: RMS कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी, आयोग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
Fri, 02 Sep 2022 08:30 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 02 Sep 2022 08:30 PM IST
सार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने आरएमएस सॉल्यूशंस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
स्नातक स्तरीय परीक्षा और सचिवालय रक्षक भर्ती का पेपर लीक करने के आरोप में लखनऊ की आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन कंपनी को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ब्लैक लिस्ट करने का नोटिस जारी किया है। कंपनी से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पिछले वर्ष 26 सितंबर को सचिवालय रक्षक भर्ती और चार व पांच दिसंबर को स्नातक स्तरीय भर्ती की परीक्षा कराई थी। दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लखनऊ की आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन कंपनी ने छापे थे। दोनों ही परीक्षाओं के पेपर लीक करने के आरोप में कंपनी मालिक राजेश चौहान, कर्मचारी जयजीत दास और अभिषेक वर्मा सलाखों के पीछे जा चुके हैं।
विज्ञापन
एसटीएफ ने इस संबंध में प्राथमिक रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराई थी। इसके आधार पर आयोग के सचिव सुरेंद्र सिंह रावत ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का नोटिस जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि पेपर लीक में कंपनी की संलिप्तता पाई गई है। इस आपराधिक और कदाचारयुक्त कृत्य से आयोग की छवि धूमिल होने के साथ ही परीक्षाओं की संवेदनशीलता और शुचिता बाधित हुई है। उन्होंने कहा है कि क्यों न कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए।
विज्ञापन
एक सप्ताह में जवाब न दिया तो कार्रवाई
आयोग ने पूरे मामले में नोटिस जारी होने के एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस अवधि में अगर कोई जवाब न मिला तो यह मान लिया जाएगा कि कंपनी को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद आयोग नियमानुसार आरएमएस कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर देगा।