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UKSSSC Paper Leak Case: हाकम के दो अवैध रिजॉर्ट पर चला बुलडोजर, टीम के साथ हुई ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक
Tue, 04 Oct 2022 07:32 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 04 Oct 2022 07:32 PM IST
सार
गोविंद वन्य जीव विहार प्रशासन ने बीते 26 सितंबर को नोटिस जारी कर अवैध रिजॉर्ट खाली कर इन्हें ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। ऐसा नहीं किए जाने पर चार अक्तूबर को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण किए जाने की बात कही थी।
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हाकम का रिजॉर्ट तोड़ने पहुंची टीम का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत के वन भूमि पर बने दो अवैध रिजॉर्ट को प्रशासन ने मंगलवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई से पहले ग्रामीणों और प्रशासन की टीम के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रशासन के नहीं मानने पर ग्रामीणों ने स्वयं ही रिजॉर्ट पर लगी लकड़ी निकाल दी। बाद में प्रशासन की टीम ने बुलडोजर से रिजॉर्ट ध्वस्त कर दिया।
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गोविंद वन्य जीव विहार प्रशासन ने बीते 26 सितंबर को नोटिस जारी कर अवैध रिजॉर्ट खाली कर इन्हें ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। ऐसा नहीं किए जाने पर चार अक्तूबर को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण किए जाने की बात कही थी। साथ ही ध्वस्तीकरण में आए खर्चे की वसूली भी अतिक्रमणकारियों से वसूलने की बात कही थी। मंगलवार को गोविंद वन्य जीव विहार राष्ट्रीय पार्क, पुरोला तहसील प्रशासन और पुलिस सांकरी स्थित वन विभाग की भूमि पर बने हाकम सिंह के रिजॉर्ट को ध्वस्त करने पहुंची।
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इस दौरान हाकम की पत्नी बिसुली देवी व ग्रामीणों का ध्वस्तीकरण का विरोध किया। हाकम की पत्नी ने कहा कि इस संपत्ति से हाकम का कोई लेना देना नहीं है। बिसुली देवी ने प्रशासन व वन गोविंद वन्य जीव विहार प्रशासन से दोबारा जांच करने की मांग की है जिस पर विभाग ने दोबारा जांच से इन्कार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही अवैध रिजॉर्ट को तोड़ना शुरू किया। ग्रामीणों ने रिजॉर्ट में लगी लकड़ी खोलकर ले गए।
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सामान कर दिया था खाली
ध्वस्तीकरण की संभावना को देखते हुए रिजॉर्ट से सामान पहले ही खाली कर दिया गया था। होम स्टे से खिड़की, दरवाजे, शौचालय की सीट आदि कीमती सामान पहले ही निकाल दिया गया था।
संबंधित पक्ष को बीते 26 सितंबर को बेदखली का नोटिस दिया गया था लेकिन संबंधित पक्ष ने निर्धारित समयावधि तक नोटिस का पालन नहीं किया। इस पर मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। खर्चा भी संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।
-डीपी बलूनी, उपनिदेशक, गोविंद वन्य जीव विहार।