UKPSC: इंटरव्यू की तैयारी के बीच सामने आया पेपर लीक होने का मामला, अभ्यर्थियों के अंदेशे पर लगी SIT की मुहर
इंटरव्यू के लिए चयनित हुए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। अभी यह प्रक्रिया चल रही थी कि पेपर लीक होने का मामला सामने आ गया।
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जूनियर अभियंता और सहायक अभियंता की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की साक्षात्कार लेने की तैयार उत्तराखंड लोक सेवा आयोग कर रहा था। करीब साढ़े सात सौ पदों के लिए अप्रैल-मई 2022 में लिखित परीक्षा कराई गई थी। लगभग 574 जेई और 170 एई के पद शामिल थे। परीक्षा के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई थी। जिसमें आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू कराने की तैयारी चल रही थी।
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इंटरव्यू के लिए चयनित हुए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। अभी यह प्रक्रिया चल रही थी कि पेपर लीक होने का मामला सामने आ गया। इससे अपनी मेहनत के दम पर लिखित परीक्षा पास करके इंटरव्यू की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को झटका लगा है। माना जा रहा है कि आयोग एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद परीक्षा को निरस्त कर सकता है। लोक सेवा आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट पर आयोग परीक्षा को लेकर निर्णय लेगा। अटकलों पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
अभ्यर्थियों के अंदेशे पर लगी एसआईटी की मुहर
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग (एसआईटी) की ओर से अवर अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) की परीक्षा में धांधली होने का मुकदमा दर्ज करने के बाद अभ्यर्थियों की आशंका पर मुहर लग गई है। दरअसल, पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद अभ्यर्थियों ने इन परीक्षाओं में धांधली होने की आशंका जताई थी।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से कराई जाने वाली भर्ती परीक्षाओं में लगातार धांधली सामने आ रही है। पटवारी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद अभ्यर्थियों ने 2022 अप्रैल-मई में हुई जेई और एई परीक्षा में भी गड़बड़ी होने की आशंका जताई थी।
युवाओं ने भर्तियों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। पीसीएस की मुख्य परीक्षा से लेकर जेई और एई की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने भी सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि जेई और एई परीक्षा के पेपर भी लीक किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा को निरस्त करने की मांग की थी। कई दिन तक आयोग के बाहर युवाओं ने धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जेई और एई की परीक्षा की एसआईटी जांच बैठाई और जांच में धांधली उजागर होने के बाद नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि अभ्यर्थियों की आशंका सही थी।