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Dehradun News: थाइलैंड में निवेश के नाम पर ठगने वाले गिरोह के दो सदस्य पकड़े
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I- दोनों आरोपी हैं पति-पत्नी, देहरादून निवासी उपाध्याय बंधुओं के साथ मिलकर की थी ठगी
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I- दिल्ली निवासी मनोचा परिवार से ठग लिए थे तीन करोड़ रुपये से ज्यादाI
I खुद को थाईलैंड का कारोबारी बताकर निवेश के नाम पर करोड़ों ठगने वाले गिरोह में शामिल दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह ने दिल्ली के मनोचा परिवार से तीन करोड़ रुपये से अधिक ठगे थे। गिरोह के सरगना देहरादून निवासी विजय उपाध्याय को अंबाला पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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Iएसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गत 24 अगस्त को रमेश मनोचा निवासी जीके, नई दिल्ली ने डालनवाला पुलिस को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनके परिचित इंद्रजीत कोहली ने उन्हें अनिल उपाध्याय और उसके भाई विजय उपाध्याय निवासी आर्य नगर, देहरादून से मिलवाया था। इन दोनों ने खुद को थाईलैंड का बड़ा कारोबारी बताया था । साथ ही अपने साथियों राजीव, उसकी पत्नी सोनिया, भांजे अक्षय रतूड़ी का नाम भी लिया था। इस दौरान उन्हें मैसर्स बीआर इंटरनेशनल थाई कंपनी लिमिटेड के कागजात भी दिखाए गए। झांसा दिया गया कि उनकी कंपनी वहां पर रेस्टोरेंट और होटल आदि बनाती है।
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Iआरोपियों ने मनोचा से निवेश करने को कहा। मनोचा ने बिना सोचे समझे उनकी कंपनी में 3.35 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद पता चला कि ये सब जालसाज लोग हैं। इनके खिलाफ नारायणगढ़, हरियाणा में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की तो पता चला कि अंबाला पुलिस आरोपी विजय उपाध्याय को गिरफ्तार कर चुकी है और वह सेंट्रल जेल अंबाला में बंद है। पुलिस ने उसका बी वारंट लिया तो एक और खुलासा हुआ। पता चला कि विजय उपाध्याय वहां पर विज्जू डंगवाल के नाम से रह रहा था। उसने इसके दस्तावेज भी बनवा रखे हैं।
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Iएसएसपी ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने राजीव कुमार और उसकी पत्नी सोनिया निवासी नहोनी, अंबाला कैंट हरियाणा की तलाश की। इस बीच उनके अंबाला में ही होने की जानकारी मिली। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इन्होंने उपाध्याय बंधुओं के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायालय के आदेश से जेल भेज दिया गया है।I
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I- दिल्ली निवासी मनोचा परिवार से ठग लिए थे तीन करोड़ रुपये से ज्यादाI
I खुद को थाईलैंड का कारोबारी बताकर निवेश के नाम पर करोड़ों ठगने वाले गिरोह में शामिल दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह ने दिल्ली के मनोचा परिवार से तीन करोड़ रुपये से अधिक ठगे थे। गिरोह के सरगना देहरादून निवासी विजय उपाध्याय को अंबाला पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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Iएसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गत 24 अगस्त को रमेश मनोचा निवासी जीके, नई दिल्ली ने डालनवाला पुलिस को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनके परिचित इंद्रजीत कोहली ने उन्हें अनिल उपाध्याय और उसके भाई विजय उपाध्याय निवासी आर्य नगर, देहरादून से मिलवाया था। इन दोनों ने खुद को थाईलैंड का बड़ा कारोबारी बताया था । साथ ही अपने साथियों राजीव, उसकी पत्नी सोनिया, भांजे अक्षय रतूड़ी का नाम भी लिया था। इस दौरान उन्हें मैसर्स बीआर इंटरनेशनल थाई कंपनी लिमिटेड के कागजात भी दिखाए गए। झांसा दिया गया कि उनकी कंपनी वहां पर रेस्टोरेंट और होटल आदि बनाती है।
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Iआरोपियों ने मनोचा से निवेश करने को कहा। मनोचा ने बिना सोचे समझे उनकी कंपनी में 3.35 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद पता चला कि ये सब जालसाज लोग हैं। इनके खिलाफ नारायणगढ़, हरियाणा में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की तो पता चला कि अंबाला पुलिस आरोपी विजय उपाध्याय को गिरफ्तार कर चुकी है और वह सेंट्रल जेल अंबाला में बंद है। पुलिस ने उसका बी वारंट लिया तो एक और खुलासा हुआ। पता चला कि विजय उपाध्याय वहां पर विज्जू डंगवाल के नाम से रह रहा था। उसने इसके दस्तावेज भी बनवा रखे हैं।
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Iएसएसपी ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने राजीव कुमार और उसकी पत्नी सोनिया निवासी नहोनी, अंबाला कैंट हरियाणा की तलाश की। इस बीच उनके अंबाला में ही होने की जानकारी मिली। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इन्होंने उपाध्याय बंधुओं के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायालय के आदेश से जेल भेज दिया गया है।I