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Dehradun News: वन निगम ने नदियों से खनन सत्र की तैयारी शुरू की
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देहरादून। वन निगम ने नदियों में खनन सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें नदियों में खनिज मात्रा का आकलन के लिए सर्वे का काम भी अधिकांश नदियों में पूरा हो चुका है।
वन निगम की आय का मुख्य स्रोत में खनिज निकासी है। प्रदेश में गौला, कोसी, दाबका, शारदा, जाखन समेत 13 नदियों में खनन का कार्य होता है। जून में मानसून शुरू होने के साथ ही खनिज निकासी बंद हो जाती है, फिर इसे अक्तूबर में शुरू किया जाता है। अब इसको लेकर तैयारियों को शुरू किया गया है। वन विकास निगम के आरएम मुख्यालय महेश आर्य बताते हैं कि एक अक्तूबर से खनन सत्र शुरू होता है, इसे लेकर खनिज निकासी करने वाले वाहनों के पंजीकरण के नवीनीकरण समेत अन्य कार्यों की प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है। नदियों में खनिज मात्रा का आकलन कराया जाता है, यह कार्य भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के माध्यम से होता है, इसमें अधिकांश नदियों में खनिज निकासी की मात्रा का आकलन के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है, अब इसकी रिपोर्ट आनी है।
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वन निगम की आय का मुख्य स्रोत में खनिज निकासी है। प्रदेश में गौला, कोसी, दाबका, शारदा, जाखन समेत 13 नदियों में खनन का कार्य होता है। जून में मानसून शुरू होने के साथ ही खनिज निकासी बंद हो जाती है, फिर इसे अक्तूबर में शुरू किया जाता है। अब इसको लेकर तैयारियों को शुरू किया गया है। वन विकास निगम के आरएम मुख्यालय महेश आर्य बताते हैं कि एक अक्तूबर से खनन सत्र शुरू होता है, इसे लेकर खनिज निकासी करने वाले वाहनों के पंजीकरण के नवीनीकरण समेत अन्य कार्यों की प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है। नदियों में खनिज मात्रा का आकलन कराया जाता है, यह कार्य भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के माध्यम से होता है, इसमें अधिकांश नदियों में खनिज निकासी की मात्रा का आकलन के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है, अब इसकी रिपोर्ट आनी है।
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