20 साल से भारत में अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 20 साल से दून में रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने सत्यापन अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। इनके पास से मतदान पहचान पत्र, राशन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। जांच में पता चला है कि दोनों आरोपियों ने भारतीय लड़कियों से शादी की हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार के निर्देश पर इन दिनों दून में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की खोजबीन का अभियान चल रहा है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को पटेलनगर पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के साथ सत्यापन अभियान चलाए हुए थी। इसी दौरान पुलिस ने माजरा में प्रधान वाली गली, हालीम मोहल्ला और शिमला बाईपास से दो संदिग्धों को पकड़ा गया।
इनमें से एक का नाम नजरूल इस्लाम (पुत्र शहजान) और दूसरे का नाम सहफुल हसन (पुत्र मोहम्मद हसन) है। जांच में पता चला कि दोनों मूल रूप ग्राम बोड़ोवाड़िया, थाना चीतलमारी, जिला बागेरहाट, बांग्लादेश के रहने वाले हैं। वह खुद को भारतीय बताकर दून में रह रहे थे। दोनों के पास देहरादून के पते पर ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र, आधार कार्ड और पासपोर्ट तक बने हुए हैं। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि दोनों के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नजरूल ने की बांग्लादेश की यात्रा
इनमें नजरूल इस्लाम शातिर किस्म का है। उसने भारतीय पासपोर्ट के माध्यम से एक बार बांग्लादेश की यात्रा भी की है। वह कुछ दिन में फिर बांग्लादेश जाने वाला था। दोनों के पासपोर्ट की जांच की जा रही है। नजरूल ने वर्ष-2007 में देहरादून की रहने वाली लड़की से शादी की थी। जबकि, दूसरे युवक ने वर्ष-2010 में शादी की।
किसी संगठन से हो सकता है नाता
पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि दोनों का कहीं किसी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वाले संगठन से नाता तो नहीं है। इंस्पेक्टर पटेलनगर ने बताया कि अभी तक की जांच में उनसे इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है। उनके सभी दस्तावेजों और उनसे मिली जानकारी को केंद्रीय एजेंसियों से साझा किया जा रहा है। ताकि, उनके बारे में गहनता से पड़ताल की जा सके।
मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अभी तक इतना पता चला है कि यह दोनों मांस (मीट) का कारोबार करते थे। उनके किस-किस से संबंध हैं। इसकी पड़ताल की जा रही है। उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
प्रदीप कुमार राय, पुलिस अधीक्षक नगर