Uttarakhand Lockdown: 31 मार्च को दूसरे जिलों में आवाजाही की नहीं मिलेगी छूट, श्रमिकों का एक महीने का किराया माफ
- केंद्रीय गृह मंत्रालय की सख्त गाइडलाइन के बाद प्रदेश सरकार ने वापस लिया फैसला
- अंतर जनपदीय यातायात खोलने का था प्लान, अब नहीं खुलेंगे जिलों के बार्डर
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त्रिवेंद्र सरकार ने 31 मार्च को लॉक डाउन में 13 घंटे की ढील देकर अंतर जनपदीय यातायात खोलने का आदेश वापस ले लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को सभी राज्यों के लिए लॉकडाउन को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यातायात संचालित करने का आदेश वापस ले लिया। इसी के साथ एक जिले से दूसरे जिले में यातायात पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को एक दिन के लिए राज्य के भीतर सभी जिलों की सीमाएं यातायात के लिए खोलने का आदेश दिया था। 31 मार्च को सुबह सात से रात आठ बजे तक जरूरतमंद लोग प्रशासन से अनुमति लेकर आवाजाही कर सकते थे। सरकार ने राज्य परिवहन निगम की बसों को भी संचालित करने का फैसला लिया था। हालांकि कई लोग सरकार के इस फैसले को लॉकडाउन के पक्ष में नहीं मान रहे थे।
इसी बीच रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के उच्च अधिकारियों की गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में कई राज्यों में मजदूरों के पलायन को लेकर मंथन हुआ। इसके बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को आदेश दिया कि राज्यों और जिलों के बीच लॉकडाउन की अवधि तक किसी भी तरह का यातायात संचालित नहीं किया जाए। केंद्र के इस आदेश पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए पत्र भेज दिया है। इससे सरकार के 31 मार्च को अंतर जनपदीय यातायात खोलकर एक जिले के दूसरे जिले में फंसे लोगों को राहत देने का प्लान भी निरस्त हो गया।
एक माह का मकान किराया माफ
किराये पर रहने वाले श्रमिक, मजूदर और छात्रों से मकान मालिक एक माह का किराया नहीं ले सकेंगे। मकान मालिकों को लॉकडाउन तक उनको मुफ्त ठहराना होगा। किसी से मकान भी खाली नहीं करवाया जाएगा। अगर कोई मकान मालिक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी।
सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुलेंगे बाजार
प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में छह घंटे की ढील देने का फैसला बरकरार रखा है। सरकार ने सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए जनता को घर से बाहर निकलने की अनुमति जारी रखी है। लेकिन इस दौरान चौपहिया वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।
केंद्र की गाइडलाइन
- अंतरराज्यीय सीमा पर आवागमन प्रतिबंधित।
- एक जिले से दूसरे जिले में नहीं जा सकेंगे लोग।
- केवल आवश्यक वस्तुओं के वाहन ही चलेंगे।
- जो व्यक्ति जहां है, वहीं उसके रहने और ठहरने की व्यवस्था होगी।
- लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के वेतन में कटौती नहीं की जा सकेगी।
- दुकानों, होटलों, अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वालों को देनी होगी पगार।
14 दिन का अनिवार्य होम क्वांरटीन
दूसरे राज्यों या शहरों से जिले में प्रवेेश कर चुके लोगों को क्वारंटीन करने की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। केंद्र ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी को 14 दिन होम क्वारंटीन कर पूरी निगरानी में रखा जाए।
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन करने की गाइडलाइन जारी की है। प्रदेश सरकार ने 31 मार्च को अतंरजनपदीय यातायात संचालित करने के लिए 13 घंटे की जो राहत देने का फैसला लिया था, उसे वापस ले लिया गया है। केंद्र का फैसला जनहित में है। अगर जनता को कई तकलीफ हुई हो तो उसके लिए क्षमा चाहता हूं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री