खुशखबरी: 1500 शिक्षकों के जल्द पूरे होंगे सपने
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शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर तबादला पा चुके शिक्षकों को मौजूदा तैनातीस्थल से कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशक की ओर से सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को जारी आदेश के बाद प्रदेश के 1500 से अधिक शिक्षकों को राहत मिली है।
तबादला नियमावली के अनुसार दिसंबर 2013 तक शिक्षकों के तबादले होने थे, लेकिन अनुरोध के आधार पर 20 फरवरी 2014 तक 1500 शिक्षकों के तबादले कर दिए गए।
आचार संहिता के चलते रुके थे तबादले
इन शिक्षकों को एक अप्रैल को तबादले वाले विद्यालयों में ज्वाइन करना था, लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते ये शिक्षक नई तैनाती पर नहीं पहुंच पाए।
अब इन शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के आदेश कर दिए गए हैं। शनिवार को शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल की ओर से समस्त सीईओ को यह आदेश किए गए हैं।
शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन सीईओ, बीईओ को यह भी देखने के लिए कहा है कि इससे स्कूल खाली न हो जाए। ऐसा हुआ तो ये दोनों अधिकारी ही जिम्मेदार माने जाएंगे।
-चंद्र सिंह ग्वाल, शिक्षा निदेशक, माध्यमिक
आर्थराइटिस वालों की होगी जांच
अनुरोध के आधार पर कई शिक्षकों ने खुद को एक्यूट आर्थराइटिस से पीड़ित बताते हुए तबादला पा लिया है। ऐसे शिक्षकों को डाक्टरी जांच के बाद ही कार्यमुक्त किया जाएगा।
शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभाग को ऐसे कई मामलों में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाए जाने की शिकायतें मिली हैं।
प्रमुख सचिव शिक्षा ने आदेश दिया है कि एक्यूट आर्थराइटिस वाले शिक्षकों को डाक्टरी पैनल से जांच करानी होगी। बीमारी की पुष्टि होने पर ही उन्हें कार्यमुक्त किया जाएगा।