टोक्यो ओलंपिक: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की परेड में शामिल होंगी हॉकी खिलाड़ी वंदना, राष्ट्रपति और पीएम से करेंगी मुलाकात
वंदना कटारिया ने ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम में खेलते हुए हैट्रिक लगाकर इतिहास रचने का काम किया है। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
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टोक्यो ओलंपिक में हॉकी में इतिहास रचने वाली हरिद्वार की बेटी वंदना कटारिया के स्वदेश लौटने पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी मुलाकात करेंगी। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर होने वाली परेड में भी वह भारतीय दल के साथ हिस्सा लेंगी। रविवार को प्रदेश के खेल मंत्री डा. अरविंद पांडेय वंदना कटारिया के घर पहुंचकर मां और परिजनों को सम्मानित करेंगे। खेल मंत्री कोई बड़ी घोषणा भी वंदना के लिए कर सकते हैं।
रोशनाबाद गांव निवासी वंदना कटारिया ने ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम में खेलते हुए हैट्रिक लगाकर इतिहास रचने का काम किया है। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इससे धर्मनगरी हरिद्वार और देवभूमि उत्तराखंड का नाम देश और पूरे विश्व में आज चमक रहा है। ओलंपिक के समापन होने के बाद जब वह भारत वापस लौटेंगी तो दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री से भारतीय ओलंपिक दल के साथ वह मुलाकात करेंगी।
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15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर होने वाली परेड में भी खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेंगी। इसी दिन शाम को चार बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दल के साथ वह उनसे मिलेंगी। 16 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर भी वंदना अन्य साथियों के साथ भेंट करेंगी। इन कार्यक्रमों में ओलंपिक दल के साथ ही वंदना कटारिया का भी स्वागत किया जाएगा। जिससे हरिद्वार और प्रदेश के लिए यह बड़ी बात होगी।
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भतीजी ने बढ़ाया बुआ का हौसला
उधर, रविवार को दोपहर में खेल मंत्री डा. अरविंद पांडेय वंदना कटारिया के घर पहुंचे। जिला क्रीड़ा अधिकारी एसके डोभाल ने बताया कि खेल मंत्री के पहुंचने की तैयारियां कर ली गईं थीं। उन्होंने बताया कि वंदना कटारिया जब हरिद्वार आएंगी तो उनका जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वागत-सम्मान किया जाएगा।
वंदना की भतीजी खुशी कटारिया भी बुआ वंदना कटरिया की राह पर चल रही हैं। खुशी कटारिया भी सब जूनियर टीम में शामिल हैं और इन दिनों मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मैच समाप्ति के बाद उनकी बुआजी से बात हुई थी। जिसमें उन्होंने उन्हें बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए बधाई दी थी, लेकिन बुआजी पदक न जीत पाने को लेकर बहुत उदास थी, इसलिए वह ज्यादा बात नहीं कर पा रही थीं।
उधर, जिला क्रीड़ा अधिकारी एसके डोभाल और उप जिला क्रीड़ा अधिकारी वरुण बेलवाल ने बताया कि वंदना कटारिया से फोन पर बात हुई। जिसमें उन्होंने वंदना को बधाई दी, लेकिन पदक न लाने की टीस वंदना की बातों से साफ झलक रही थी।